जंक्शन काे वर्ल्ड क्लास स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। इसको लेकर रेलवे भूमि विकास प्राधिकरण(आरएलडीए) ने कंसल्टेंसी चयन के लिए 29 जनवरी तक प्रस्ताव आमंत्रित किया है। इसके बाद आरएलडीए एजेंसी का चयन करेगी। हालांकि, इसके पूर्व भी 12 अक्टूबर 2020 की तिथि निर्धारित की गई थी।

लेकिन लॉकडाउन व अन्य तकनीकी कारणों की स्थिति में कंसल्टेंसी का चयन संभव नहीं हो सका था। बता दें कि जंक्शन के एकीकृत विकास के लिए स्टेशन रि-डेवलपमेंट प्राेग्राम के तहत 110 कराेड़ की राशि का प्रावधान केंद्र सरकार की ओर से किया गया है। पूर्व मध्य रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि कंसल्टेंसी के लिए इच्छुक एजेंसी पूर्ण जानकारी www.rida.indianrailways.gov.in पर या www.tenderwizard.com/RLDA पर जाकर प्राप्त कर सकते हैं। दूसरी ओर इस संबंध में जानकारी देने के लिए रेलवे बाेर्ड ने पूर्व मध्य रेलवे के संयुक्त महाप्रबंधक/ परियोजना 2 को भी जवाबदेही सौंपी है।
4 वर्ष बाद मिली थी मंजूरी
जंक्शन काे वर्ल्ड क्लास स्टेशन के रुप में विकसित करने की मंजूरी 4 वर्ष बाद मिली। पहले चरण में जंक्शन के विस्तार की मंजूरी नहीं मिलने पर 4 वर्ष पूूर्व साेनपुर मंडल के इस स्टेशन काे इस याेजना के तहत विकसित करने का प्रस्ताव स्वीकृति के लिए रेलवे बाेर्ड काे भेजा गया था।

यात्री सुविधाओं का हाेगा विकास
एकीकृत विकास के क्रम में मल्टी फंक्शनल कॉम्प्लेक्स, मल्टीस्टाेरी पार्किंग समेत कई प्रकार की यात्री सुविधाओं का विस्तार हाेगा। पुरानी बिल्डिंगाें काे ताेड़कर नई बिल्डिंग बनाई जाएगी। वहीं दाेनाें ओर की सर्कुलेटिंग एरिया काे पूर्ण सुरक्षित जाेन के रूप में विकसित किया जाएगा।
- प्रतिदिन 40-45 हजार यात्री आते-जाते हैं।
- प्रतिदिन 70 से अधिक ट्रेनें और 35 मालगाड़ी चलती है।
- 24 रैक खड़ी करने के लिए एक, 22 रैक खड़ी करने के लिए एक, 16 रैक खड़ी करने वाला 2 और 12 रैक वाला दाे समेत कुल 6 प्लेटफॉर्म जंक्शन पर है।
- पुरानी पैनल से अभी भी हो रहा ट्रेनों का परिचालन

ए-1 क्लास स्टेशन में है चयनित: जंक्शन ए-1 क्लास स्टेशन के रूप में चयनित है। यह साेनपुर मंडल का सबसे अधिक राजस्व देने वाला स्टेशन है। लेकिन आजादी के बाद से ही यह काफी पिछड़ा हुआ है।
Source : Dainik Bhaksar





