नल-जल योजना के लगभग 32 लाख रुपये मुखिया द्वारा अपने बेटे के खाते में भेज देने का मामले ने तूल पकड़ लिया है। डीडीसी डॉ. सुनील कुमार झा ने इस मामले में मुशहरी के बीडीओ से सात दिनों में स्पष्टीकरण मांगा है। मालूम हो कि मुशहरी की बड़ा जगन्नाथ पंचायत की मुखिया मंजू देवी ने तीन वार्ड की नल-जल योजना की पूरी प्राक्कलन राशि 31 लाख 92 हजार का चेक अपने पुत्र आदित्य कुमार के नाम से काट दिया था।

मामला लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम में आने के बाद इसकी जांच हुई। इसमें मुखिया, उनका पुत्र, पंचायत सचिव वार्ड सचिव, वार्ड सदस्य आदि दोषी पाए गए। इसके बाद भी मामले में बीडीओ के स्तर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। डीडीसी ने मामले में संज्ञान लेते हुए बीडीओ से जवाब मांगा है। जारी पत्र में डीडीसी ने कहा कि बड़ा जगन्नाथ पंचायत के वार्ड चार, 10 और 12 में नल का जल योजना के लिए एजेंसी के रूप में मुखिया पुत्र के नाम से 10 लाख 64 हजार के तीन-तीन चेक काट दिए गए। जबकि वह पंजीकृत नहीं था। मामला पकड़ में आने पर छह माह बाद राशि दूसरी एजेंसी को दी गई।

डीडीसी ने कहा, विभागीय निर्देश में स्पष्ट है कि एजेंसी को राशि का हस्तानांतरण वार्ड क्रियान्वयन प्रबंधन समिति को करनी है। इस नियम का उल्लंघन करते हुए बिन पंजीकृत मुखिया पुत्र के खाते में इतनी बड़ी राशि भेज दी गई। जबकि प्रथम किस्त के रूप में छोटी राशि राशि दी जानी चाहिए थी। बिना काम के 32 लाख रुपये देकर छह माह वापस लेना गबन की मंशा को प्रमाणित करता है। मुखिया, उनका पुत्र, पंचायत सचिव, तीनों वार्ड सदस्य एवं वार्ड सचिव सरकारी राशि के दुरुपयोग में दोषी है। इस संबंध में साक्ष्य के साथ बीडीओ को एक सप्ताह में स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।
Input: Live Hindustan







