इस वर्ष आई बाढ़ के बाद पीडि़तों की दी गई छह हजार की मुआवजा राशि में गड़बड़ी पकड़ी गई है। मीनापुर अंचल के कंप्यूटर ऑपरेटर और तीन पंचायतों के कार्यपालक सहायक ने मिलकर राशि के वितरण में खेल किया। कई जगहों पर एक ही व्यक्ति को दो-दो बार बाढ़ राहत के लिए मिलने वाले छह हजार रुपये दे दिए गए। कहीं पति और पत्नी को अलग-अलग छह-छह हजार रुपये दिए गए। कुछ ऐसे लोगों को भी राहत के छह हजार रुपये दिए गए जो संबंधित वार्ड के निवासी भी नहीं थे। मामला सामने आने पर मीनापुर के सीओ ने सभी दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। वहीं अब सभी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही राशि भी जमा करने को कहा गया है।
सीओ ने कंप्यूटर ऑपरेटर को दे दिया था पासवर्ड
बाढ़ से प्रभावित परिवारों के नाम इंट्री करने के लिए कंप्यूटर ऑपरेटर अरुण कुमार निराला को सीओ ने पासवर्ड दे दिया। उसके अलावा बेलाहीलच्छी के कार्यपालक सहायक गुड्डू कुमार यादव, महदेईया के अलखदेव कुमार व चतुर्सी के अमरेंद्र कुमार राय भी आपदा संपूर्ति पोर्टल पर प्रभावित परिवारों की सूची इंट्री कर रहे थे। इंट्री में अनियमितता की शिकायत मिलने पर जांच कराई गई। इसमें पाया गया कि एक ही व्यक्ति की इंट्री दो-दो बार कर वित्तीय अनियमितता की गई। पिपराहा असली पंचायत के बाढ़ प्रभावित नहीं होने पर भी यहां पीडि़त परिवार के नाम की इंट्री की गई। जांच में यह बात सामने आई कि जो इस पंचायत के निवासी नहीं थे, उनके नाम की इंट्री भी कर दी गई। महदेईया पंचायत की जांच में यह बात सामने आई कि यहां पति व पत्नी का नाम सूची में दो बार दर्ज कर दिया गया। वहीं रघई पंचायत में 31 इंट्री में पति व पत्नी दोनों की है। चतुर्सी पंचायत में यह बात सामने आई कि जिन लोगों के नाम की इंट्री वार्ड दो में की गई उनमें से कई इस वार्ड के निवासी नहीं थे।
Input: Dainik Jagran





