जयपुर. लॉकडाउन में मृत्यु भोज का आयोजन करना एक परिवार को भारी पड़ गया. पुलिस ने न केवल मृतक के बेटे को गिरफ्तार किया है बल्कि टेंट मालिक, हलवाई और पंडित की भी शामत आ गई. घटना जयपुर जिले के रेनवाल थाना इलाके थाना इलाके के पटेलों की ढाणी की है, जहां मंगलाराम चौधरी की मौत के बाद अणतपुरा गांव में लॉक डाउन की गाइडलाइन की अवहेलना करते हुए बिजारणिया परिवार ने मौसर का आयोजन किया. जीमने के लिए गांव और आसपास के रिश्तेदार पहुंच गए. इस बीच रेनवाल थाना पुलिस को किसी ने सूचना दे दी. इस पर थाना प्रभारी कैलाश मीणा मय जाब्ते के मौके पर पहुंचे तो वहां पर जीमण की तैयारियां चल रही थी. पुलिस को देखकर मौसर जीमने आए लोग खेतों में भाग छूटे लेकिन पुलिस ने मशक्कत कर मृतक मंगलाराम के बेटे भागीरथ को पकड़ लिया.

उससे पूछताछ की गई तो क्रिया कर्म कराने आए पंडित मनोज शर्मा निवासी मंडा भीम सिंह को भी पुलिस ने धर दबोचा. साथ ही परिवार के गिरधारी और गणेश लाल चौधरी को भी पुलिस ने पकड़ लिया. पुलिस ने तैयार की गई भोजन सामग्री जप्त कर ली. साथ ही बर्तन और टेंट का सामान भी बरामद करके थाने ले आई. चारों आरोपियों को पुलिस थाने की हवालात में रखा गया. उनके खिलाफ महामारी एक्ट और आपदा प्रबंधन एक्ट की धज्जियां उड़ाने के साथ ही मृत्यु भोज से जुड़े अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है. इन धाराओं के तहत 2 साल तक की सजा हो सकती है.

थाना प्रभारी कैलाश मीणा ने न्यूज़ news18 को बताया कि पुलिस उन लोगों की तलाश भी कर रही है जिन्होंने लॉकडाउन में इस परिवार को मृत्यु भोज के आयोजन के लिए मजबूर किया. आयोजनकर्ता ने कहा कि वह और उसके पिताजी मृत्यु भोज में आते-जाते रहते हैं, इसलिए ग्रामीणों का उन पर मृत्यु भोज के आयोजन का दबाव था. मजबूरी में अपनी नाक बचाने और गांव में अपना सम्मान बहाल रखने के लिए उनको मौसर करना पड़ा.

Source : News18

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