पिछले कुछ समय से दुनिया भर की तमाम बड़ी हस्तियों ने विदेशी सोशल मीडिया और विशेष कर ट्विटर पर पक्षपात के जो आरोप लगाये वो कहीं न कहीं स्वयं से प्रमाणित होते जा रहे हैं.. अगर इसको वृहद अन्तराष्ट्रीय स्तर पर देखा जाय तो अमेरिकी चुनावो में डोनाल्ड ट्रम्प के प्रचार को बहुत अधिक प्रभावित ट्विटर ने किया था जिसका परिणाम आज दुनिया के सामने है.

लेकिन अब जो मामला सामने आया है वो भारत के लिए राष्ट्रीय मुद्दा है और इसी के साथ जरूरत पर जोर भी है किसी मजबूत स्वदेशी सोशल मीडिया प्लेटफार्म की. फिलहाल ज्ञात हो कि एक बार फिर से सोशल मीडिया के विदेशी प्लेटफार्म ट्विटर ने वो किया है जो सीधे तौर पर हिन्दू विरोधी कृत्य माना जा रहा है.

भारत की राष्ट्रभक्त जनता के लिए गत सप्ताह जो विषय सबसे बड़ा रहा वो था दिल्ली में जिहादी हमले में बेरहमी से मार डाले बजरंग दल के समर्पित कार्यकर्ता रिंकू शर्मा का न्याय.. जनता के एक बड़े समूह ने जहाँ रिंकू शर्मा के हत्यारों को फांसी देने का अभियान चलाया तो वही भाजपा की प्रखर नेत्री वैशाली पोद्दार ने रिंकू शर्मा के निराश्रित परिवार को आर्थिक मदद का आह्वान किया..

इसी आह्वान के साथ भाजपा नेत्री वैशाली पोद्दार रिंकू शर्मा के परिजनों को 1 करोड़ रूपये दिलाने के लक्ष्य पर थीं जिसमे वो ट्विटर की भी मदद ले रही थीं.. लेकिन अफ़सोस की बात ये रही कि तमाम हिन्दू और भारत विरोधी विरोधी अभियान में प्रचार की प्रमुख भूमिका निभाने वाले ट्विटर ने वैशाली पोद्दार के इस सत्कर्म को गलत माना और उनके ट्विटर हैंडल को सस्पेंड कर दिया..

दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने बताया कि ट्विटर ने बिना कोई कारण बताए ये हरकत की है। उन्होंने ‘ब्रिंग बैक वैशाली’ हैशटैग ट्रेंड कराने की भी अपील की. यहाँ ये जानना जरूरी है कि वैशाली पोद्दार ट्यूनीशिया में भारतीय प्रतिनिधि के रूप में जा चुकी हैं। उन्होंने भाजयुमो में जिला उपाध्यक्ष और भाजपा में जिला आईटी इंचार्ज का पद संभाला था। साथ ही वो BJYM दिल्ली की स्टेट एग्जीक्यूटिव सदस्य भी रह चुकी हैं।
रिंकू शर्मा की याद में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में भी वो उपस्थित रही थीं। रमेश सोलंकी और कपिल मिश्रा सहित कई नेताओं ने उनके समर्थन में ट्विटर इंडिया को टैग कर के ट्वीट किया। फिलहाल सोशल मीडिया पर ट्विटर की इस कथित तानाशाही का व्यापक विरोध चल रहा है और वैशाली पोद्दार के हैंडल को फ़ौरन बहाल करने की मांग उठ रही है..
Source : Sudarshan News







