राकेश/छपरा: पटना के इंडिगो एयरलाइंस के प्रबंधक और एयरपोर्ट कमिटी के अध्यक्ष रूपेश कुमार की हत्या के बाद उनके पैतृक गांव सहित समस्त सारणवासियों में शोक की लहर व आक्रोश है. रूपेश कुमार छ्परा जिले के जलालपुर थाना क्षेत्र के सवारी बक्शी गांव निवासी शिवजी सिंह के सबसे छोटे पुत्र थे. उनका जन्म 15 नवम्बर 1984 को हुई. उनकी पढ़ाई कोलकता में हुई थी.

पटना में रहने के साथ ही छ्परा में रूपेश कुमार काफी लोकप्रिय थे. वह एक आदमी से लेकर वीआईपी तक के लोगों के साथ उनका समान रूप से लगाव था. वह हमेशा से जरूरतमन्दों के मदद के लिये आगे रहे है. उन्हें क्षेत्र की किसी भी व्यक्ति की कोई समस्या सुनने को मिलती वह उसकी मदद को आगे आ जाते. जिस वजह से बहुत कम ही समय मे रूपेश कुमार छ्परा में काफी लोकप्रिय थे. हर वर्ग के लोगो में उनकी काफी प्रशंसा होती रहती थी.

अचानक ही गुरु गोविंद सिंह की जयंती युवा दिवस की शाम अचानक उस वक्त कुछ पल के लिये छ्परा थम सा गया. जब रूपेश सिंह की हत्या की खबर सोशल मीडिया पर आने लगी. लोगों को विश्वास ही नहीं हो रहा था. रूपेश सिंह का व्यवहार इतना सरल और हंसमुख था कि लोग उनकी हत्या के बारे में सुनकर हतप्रभ रह गये.

गांव के लोग यही कह रहे हैं जब ऐसे शांत स्वभाव और मददगार व्यक्ति की किसी से भी दुश्मनी हो सकती है और उनकी हत्या भी हो सकती है, यह शोचनीय है. गांव के चौपाल में बुजुर्ग हो या युवा सभी इस घटना से मर्माहत हैं.

हत्या के 6 दिन बीतने के बाद उनके परिजनों से मिलने आने वाले नेताओं की होड़ मची है पर किसी को परिवार की चिंता नहीं रूपेश के बड़े भाई नंदेश्वर सिंह ने रूपेश के पत्नी की नौकरी और बच्चों के पढ़ाई के लिए सरकार से मदद की मांग कर रहे पर नेता लोग आते हैं, सेल्फी लेते हैं और चले जाते हैं. जिससे सिस्टम के प्रति परिजनों का आक्रोश है.

निजी एयरलाइंस मैनेजर रुपेश सिंह हत्याकांड में घटना के 6 दिन बाद भी पुलिस के हाथ अब भी खाली हैं. हालांकि घटना के बाद दिवंगत रुपेश कुमार सिंह के पैतृक गांव छपरा जिले के बक्शी गांव में वीआईपी का आने का सिलसिला जारी है. जो परिवार को सांत्वना देकर न्याय का भरोसा दिलाकर चले जाते हैं. अब तक इस मामले में अपराधियों का कुछ भी सुराग नहीं मिल पाने से न केवल परिजन बल्कि ग्रामीणों का भी गुस्सा बढ़ता जा रहा है.
Source : Zee News



