आमतौर पर लोगों का सोचना है कि मैथ्‍स में लड़कियों से ज्‍यादा लड़के अच्‍छे होते हैं. वे ज्‍यादा तेजी से गणित के सवाल हल करते हैं लेकिन अब इस बात को गलत साबित किया है हाल ही में हुई एक रिसर्च ने. शोध में ये बात सामने आई है कि गणित हल करने की दिमागी क्षमता से लैंगिक भेद का कोई लेना-देना नहीं है. लड़का और लड़का दोनों का दिमागी विकास एक ही रफ्तार से होता है. लड़कियों और लड़कों के मस्तिष्क के विकास और गणित हल करने की क्षमता में कोई अंतर नहीं है.

लड़का-लड़की में कौन होता है मैथ्स में ज्यादा होशियार, चौंकाने वाला है जवाब

इस संबंध में अमेरिका में कार्नेजी मेलन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने बच्चों की गणित हल करने की योग्यता में जैविक लैंगिक अंतर का मूल्यांकन करने के लिए पहला न्यूरोइमेजिंग अध्ययन किया. अध्‍ययन में ये बात सामने आई कि लड़कियों और लड़कों के मस्तिष्क के विकास और गणित हल करने की क्षमता में कोई अंतर नहीं है.

 

इस शोध में 3 से 10 साल की उम्र वाले 104 बच्‍चों को शामिल किया गया था. इस आंकड़े में 55 लड़कियां और 49 लड़के शामिल हैं. इनसे गिनती और जोड़ने जैसे आसान गणित के विषयों वाला शैक्षिक वीडियो देखते हुए रिसर्च किया. उन्होंने लड़के और लड़कियों दोनों के मस्तिष्क की समानताओं की तुलना करके नतीजे पर पहुंचे हैं.

वहीं अमेरिका में शोध की सह लेखिका यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो की एलिसा कर्सी ने कहा, इससे यह सिद्ध होता है कि हम इंसान एक दूसरे से अलग होने के बजाय बेहद समान हैं. उन्‍होंने कहा कि मैथ्‍स ही नहीं बल्‍कि लड़के और लड़कियों का दिमाग कई मायनों में एक जैसा है.

Input : News18

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