बड़े-बड़े डॉक्टरों और विशेषज्ञों की टीम लॉक डाउन पर मंथन कर रही है। इसी कड़ी में डॉ. डी. सी. एस. रेड्डी की अध्यक्षता में काम करने वाली 12 डॉक्टरों की टीम सभी पहलुओं पर गहन अध्ययन कर रही है, जैसे संक्रमण फैलने का दर, संदिग्धों का आइसोलेशन, मृत्यु दर और स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई तैयारियां आदि। इस टीम में वायरस जनित रोग विशेषज्ञ, संक्रामक रोग विशेषज्ञ, नेशनल सेंटर फॉर कम्युनिकेबल डिजीज, एम्स, दिल्ली के विशेषज्ञ डब्ल्यूएचओ, आईसीएमआर और पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया शामिल है।

The New Indian Express में छपे एक लेख की बात करें तो लॉक डाउन के विस्तार अथवा उसे खत्म करने को लेकर एक योजना बनाई जा रही है जिसमें सभी राज्यों को चार श्रेणियों में बांटा जाएगा।

Category 4 – ऐसे राज्य अथवा जिला जहां प्रति 10 लाख की आबादी में 2 से अधिक कोरोना संक्रमित रोगी हैं को Category 4 में रखा गया है। यहां पूर्णतः लॉक डाउन रहने की संभावना है।

Category 3 – ऐसे राज्य अथवा जिला जहां प्रति 10 लाख की आबादी में 12 संक्रमित मामले हैं को Category 3 में रखा गया है। यहां भी लॉक डाउन का विस्तार होने की संभावना है, किंतु कुछ प्रतिबंध हटाए जा सकते हैं, जैसे अनिवार्य सेवा, रेल, बस और हवाई परिवहन आदि शुरू की जा सकती है। इसके अलावा अन्य प्रतिष्ठान और शैक्षणिक संस्थान बंद रखने के आदेश जारी किए जा सकते हैं।

Category 2 – ऐसे राज्य अथवा जिला जहां प्रति 10 लाख की आबादी पर मात्र एक संक्रमित मरीज हैं उन्हें Category 2 में रखा जा सकता है। ऐसे राज्य अथवा जिला में सभी प्रकार के परिवहन सेवा पुनः प्रारंभ किए जा सकते हैं। कैटिगरी 3 और 4 को इससे अलग रखा जाएगा।

Category 1 – ऐसे राज्य जहां 5 से कम संक्रमण के मामले हैं और पिछले 7 दिनों में कोई नए मामले सामने नहीं आए हैं उन्हें Category 1 में रखने की अनुशंसा की जा सकती है। यहां लॉक डॉउन समाप्त करने पर विचार किया जा सकता है।

गौरतलब है कि ऐसी आशंकाएं जताई जा रही है लेकिन भारत सरकार द्वारा ऐसे किसी तरह की घोषणा फिलहाल नहीं हुई है।

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