मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट सात निश्चय और जल, जीवन, हरियाली का हश्र महज एक साल में ऐसा होगा, ये किसी ने सोचा भी नहीं था। वह भी उन योजनाओं का जिसे सीएम नीतीश ने ठीक 1 वर्ष पहले जमुई जिले के गिद्धौर प्रखंड के बानाडीह स्थित कुसमा आहर में जाकर शुभारंभ किया था। सीएम के उद्घाटन के बोर्ड पर पुआल का ढेर लग गया है।

सात निश्चय योजना से चकाचक सड़के बनी थी। सड़क के किनारे पौधारोपण किया गया था। आज वह सड़क टूट चुकी है। कोई पेड़-पौधे नहीं नजर आते हैं। अधिकारियों की लापरवाही कहें या फिर ग्रामीणों में जागरूकता का अभाव, सब कुछ इतिहास बन गया है। जिस कुएं का निर्माण सिंचाई के लिए कराया गया था, मुख्यमंत्री ने स्वयं जिस कुएं का निरीक्षण किया था, उसका अस्तित्व आज समाप्त होने लगा है।

अब तक जिले में सात निश्चय योजना में भ्रष्टाचार के कई मामले सामने आते रहे हैं। लेकिन जिस योजनाओं का उद्घाटन खुद सीएम नीतीश ने किया हो उसका हश्र ऐसा होगा, यह बड़ा बहुत ही निराशाजनक है। जल, जीवन, हरियाली योजना के तहत आहार से सटे विद्यालय परिसर में पेड़ पौधे लगाए गए थे, उसका अस्तित्व ही समाप्त हो चुका है। शौचालय का निर्माण कराया गया था, उसमें ताला लटका हुआ है और ताले में भी जंग लग चुका है।

बता दें कि 9 जनवरी 2020 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जल, जीवन, हरियाली और सात निश्चय योजना के तहत कई योजनाओं का उद्घाटन किया था। जिला प्रशासन ने बड़े ही तामझाम के साथ बड़ी तैयारी की थी। लगा था कि गांव की तस्वीर बदल रही है। लेकिन महज एक साल में सब कुछ बर्बाद हो चुका है।

Input: Live Hindustan

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