भारतीय क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर खिलाड़ी सुरेश रैना ने बिहार में बाढ़ की हालात को लेकर ट्वीट किया है. जिसमें उन्होंने बिहार की वर्तमान स्थिति को लेकर चिंता जताई है. रैना ने बिहारवासियों को मजबूती से इसका सामना करने की कामना की है.
Bihar is also going through this crisis of heavy floods during this global pandemic. With so many lives lost, houses being washed away, they need our support and prayers! May you come out of this much stronger #BiharFloods pic.twitter.com/Mp7uFKY4j9
— Suresh Raina🇮🇳 (@ImRaina) July 17, 2020
अपने ट्वीट में सुरैश रैना ने लिखा कि बिहार कोरोना संक्रमण के इस वैश्विक संकट के साथ ही बाढ़ के भीषण प्रकोप को भी झेल रहा है. रैना आगे लिखते हैं कि इस आपदा के समय में बिहार के कई लोगों को अपने जान से हाथ धोना पड़ा है.वहीं कई मकान बाढ़ में कटकर बह गए. इस संकट के दौर में बिहारवासियों को समर्थन और दुआ देने की अपील करते हुए रैना ने इस आपदा के दौर में मजबूत बने रहने की बात कही है.

बता दें कि एक तरफ जहां कोरोना संक्रमण के मामले बिहार में तेजी से बढ़ रहे हैं.कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 21 हजार के पार जा चुका है.संक्रमण के खतरे को बढ़ता देख प्रदेश में फिर से लॉकडाउन लागू किया गया है. वहीं दूसरी तरफ बिहार में बाढ़ का प्रकोप भी चिंता का कारण बन चुका है. गंगा, कोसी,बागमती समेत तमाम नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ता जा रहा है. कई जगहों का संपर्क जिला मुख्यालय से भंग हो चुका है. वहीं बारिश व वज्रपात ने कई लोगों की जान भी ले ली है.

गंगा नदी इन दिनों उफान पर है. पिछले चार दिनों से लगातार गंगा के जलस्तर में हो रही बढोतरी ने लोगों की परेशानी बाढ़ दी है. जलस्तर में बढ़ाव के कारण बाढ़ का पानी लगातार गांव की ओर बढ़ता जा रहा है. जिससे ग्रामीण सहमे हुए हैं. गंगा का पानी खेतों में घुसना शुरू हो गया है. अब तक अगुवानी लगार आदी जगहों पर सैकड़ों एकड़ में लगा मक्का की फसल पानी में डूब गयी है. अगुवानी उपधारा से पानी ओवर फ्लो होकर छोटी धाराओं से होकर राका गांव के पास जीएन बांध की तलहटी में धीरे धीरे पहुंचने लगा है.

कोसी और गंडक का डिस्चार्ज कम हुआ है. फिर भी कोसी विकराल बनी हुई है. कई जगह यह लाल निशान से काफी ऊपर बह रही है. बराह क्षेत्र में कोसी का डिस्चार्ज दो लाख घनसेक से घटकर सवा लाख घनसेक रह गया है, जबकि बराज के पास ढाई लाख से घटकर दो लाख घनसेक रह गया है. फिर भी सहरसा से भागलपुर तक कोसी चार स्थानों पर अब भी खतरनाक बनी हुई है. गंडक के डिस्चार्ज में भी गिरावट है.
Input : Prabhat Khabar




