स्मार्ट सिटी का दर्जा प्राप्त कर चुके शहर के गली-मोहल्लों में नारकीय हालात हैं। वार्ड 47 एवं 48 की सीमा पर बसे कन्हौली मठ मोहल्ले की हालत यह है कि सड़क पर नाले का पानी बह रहा है और जगह-जगह कचरे का अंबार लगा हुआ है। कचरे से उठ रहे सड़ांध के कारण जहां लोगों का जीना मुहाल है। नाले के पानी बीच से गुजरने की पीड़ा झेलनी पड़ रही है।
मोहल्लावासियों का कहना है कि निगम को टैक्स देने के बाद भी उनको नारकीय हालत झेलनी पड़ रही है। मोहल्लावासी सुरेश कुमार कहते हैं कि सड़क पर जगह-जगह कचरे का अंबार लगा हुआ है। पिछले एक माह से कचरे का उठाव नहीं हुआ है।
मोहल्ले में लड़की की शादी है। कचरा उठाने के लिए वार्ड पार्षद एवं निगम अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। बरात के साथ-साथ शादी समारोह में आने वालों को सड़क पर बह रहे गंदे पानी एवं कचरे के उपर से गुजरना होगा। संजय दास ने कहा कि पहले सप्ताह में एक बार कचरे का उठाव हो जाता है लेकिन अब तो माह – दो माह पर भी कचरे का उठाव नहीं होता।
वार्ड 47 की पार्षद गीता देवी का कहना है कि निगम प्रशासन जनता को सुविधा देने में विफल साबित हो रहा है। जनता की कौन कहे, उनकी शिकायतों पर भी ध्यान नहीं दिया जाता है। निगम प्रशासन की इस लापरवाही के कारण उन्हें जनता की नाराजगी झेलनी पड़ रही है। कचरा उठाव के लिए नियमित टै्रक्टर नहीं मिल रहा। नाला की उड़ाही भी नहीं की जा रही है।
Input: Dainik Jagran