हर घर नल का जल योजना के तहत हुए काम के रख रखाव की मॉनीटरिंग के लिए मुख्यालय स्तर पर भी सरकारी तंत्र सक्रिय रहेगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को इस योजना की समीक्षा के क्रम में कहा कि ऐसी व्यवस्था की जाए कि पेयजल आपूर्ति में कोई समस्या आए तो तुरंत उसका समाधान कर लिया जाए। रखरखाव के लिए एक तंत्र विकसित करें और लगातार निगरानी करते रहे।

विभाग भी स्वत: संज्ञान ले: मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग को लोगों की शिकायतों का समाधान तो करना ही चाहिए, साथ ही विभाग स्वत: संज्ञान लेते हुए इसकी मॉनीटरिंग करें। पेयजल आपूर्ति के लिए एक समय तय कर लें। लोग पानी की बर्बादी नहीं करें। कहीं भी पाईपलाइन या नल खुला नहीं रहे। पानी बर्बादी पर्यावरण के लिए भी नुकसानदायक है। टंकी की साफ-सफाई की व्यवस्था भी रखें।

तेजी से पूरा करें योजनाओं का काम: हर घर नल का जल योजना तीन विभागों क्रमश: पंचायती राज, नगर विकास एवं आवास तथा लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा की जा रही है। इन विभागों के आला अधिकारियों को मुख्यमंत्री ने यह निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का काम तेजी से पूरा करें।
विभागों ने दिया प्रेजेंटेशन: पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृतलाल मीणा ने जानकारी दी कि 55873 वार्डो में काम पूरा हो चुका है और 2281 वार्डो में काम प्रगति पर है। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के सचिव जितेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि गुणवत्ता प्रभावित 30,497 वार्डो में से 23670 वार्डो का काम पूरा हो गया है। नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव आनंद किशोर ने बताया कि शहरी क्षेत्र में 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, रेणु देवी, मुख्य सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, अनुपम कुमार, ओएसडी गोपाल सिंह, बुडको के प्रबंध निदेशक रमण कुमार, पंचायती राज विभाग के निदेशक चंद्र शेखर सिंह व अभियंता प्रमुख डीएस मिश्र भी मौजूद थे।
Source : Dainik Jagran



