उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने सोमवार को विधानमंडल में 218302.70 करोड़ का बजट पेश किया। बजट आकार में पिछले साल की तुलना में 6541 करोड़ की बढ़ोतरी हुई है। 54 मिनट के भाषण की शुरुआत वित्त मंत्री ने कोरोना से निबटने के प्रयासों से की और उनका खास फोकस राज्य के युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार दिलाने पर रहा। उन्होंने 20 लाख रोजगार सृजन की चुनावी प्रतिबद्धता दोहराई और हासिल करने के उपाय बताए। कहा कि युवाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।

स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए उद्यमिता पर जोर है। स्किल डेवलमेंट एवं उद्यमिता विभाग का गठन किया जाएगा। युवाओं को स्वरोजगार के लिए 10 लाख लोन मिलेगा जिसमें 5 लाख सब्सिडी की राशि होगी। महिलाओं को स्वरोजगार के लिए 5 लाख तक का अनुदान तथा अधिकतम 5 लाख तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जाएगा। हर जिले में मेगा स्किल सेंटर, हर प्रमंडल में टूल रूम बनाने की योजना है। पुराने व नए आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक संस्थान सेंटर ऑफ एक्सिलेंस बनेंगे। बच्चों को उद्योगों की नई तकनीक वाले क्षेत्रों में ट्रेंड किया जाएगा।

जो बच्चे आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक में नहीं पढ़ रहे उन्हें स्किल सेंटर में एपरल मेकिंग, रेफ्रिजेरेटर, एसी, सोलर पैनल, ब्यूटी एवं वेलनेस ट्रेनिंग, बुजुर्गों एवं मरीजों की देखभाल जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिनकी मांग बाजार में रहती है। तकनीकी शिक्षा हिन्दी में दी जाएगी। राज्य सरकार एक कॉमन रोजगार पोर्टल बनाएगी।

कक्षा छह से ऊपर के सभी बच्चों को कम्प्यूटर शिक्षा

हर साल की तरह इस साल भी शिक्षा विभाग का बजट बड़ा ही नहीं, बढ़ा भी है। नई पीढ़ी के हिसाब से शिक्षा व्यवस्था को बदलने के लिए उद्यमिता को पाठ्यक्रम में शामिल करना, हिन्दी में तकनीकी शिक्षा देना आदि तो शुरू हुआ ही है। कक्षा 6 से ऊपर के सभी बच्चों को कम्प्यूटर शिक्षा और प्रशिक्षण दिया जाएगा। विदेशों में अध्ययन के लिए इच्छुक बच्चों के लिए डिजिटल काउंसिलिंग प्रणाली विकसित की जा रही है। उच्च शिक्षा में बच्चियों का अनुपात बढ़ाने के प्रयास तेज होंगे। क्वालिटी एजुकेशन पर खासा जोर है।

हर खेत तक सिंचाई का पानी 7 निश्चय में सबसे टॉप पर

कृषि क्षेत्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। हर खेत तक सिंचाई का पानी तो सात-निश्चय पार्ट-2 का प्रमुख हिस्सा है ही किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाने की दिशा में सरकार ने अब दलहन को भी जोड़ लिया है। भंडारण के लिए गोदामों के निर्माण पर फोकस है। अच्छे बीज, मौसम अनुकूल खेती, जैविक खेती और बागवानी पर जोर है। मखाना, फल सब्जी, शहद, औषधीय एवं सुगंधित पौधों पर आधारित उद्योग लगाने के लिए अनुदान का इंतजाम किया गया है।

दो साल में ही 120 जगहों पर 7 मीटर चौड़े बाइपास बनेंगे

राज्य में स्टेट हाईवे और कुछ हद तक एनएच तो दुरुस्त हो गए पर कई शहरों-कस्बों के बीच से गुजरने वाले इन रास्तों से दूरी तय करने में समय बर्बाद हो रहा है। जाम पहले की तरह ही है। बजट में सुलभ संपर्कता योजना के तहत 2 साल में कम से कम 7 मीटर चौड़े 120 जगहों पर बाइपास बनेगा। कुछ एलिवेटेड पथ भी बनेंगे। एनएच पर 31 जगह, स्टेट हाईवे पर 33 जगह और जिलों की मुख्य सड़क पर 56 जगह बाइपास बनाए जाएंगे। 708 किलोमीटर लंबी योजना पर 4154 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

10 नए मेडिकल कॉलेज खुलेंगे, पटना हब सेंटर

कोरोना काल में चिकित्सा तंत्र की खामियां सामने आईं तो राज्य सरकार ने संकल्प लिया कि अब किसी को इलाज के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी। टेलीमेडिसिन से गांव के हर अस्पताल जुड़ेंगे। इसके साथ ही वैशाली, बेगूसराय, सीतामढ़ी, मधुबनी, जमुई, सीवान, बक्सर, पूर्णिया, सारण एवं समस्तीपुर यानी 10 नए मेडिकल कॉलेज भी खुलेंगे। 9 जिला अस्पतालों जिसमें आरा, अररिया, वैशाली, औरंगाबाद, बांका, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, एवं सहरसा है, यहां के अस्पताल मॉडल अस्पताल के रूप में बदले जाएंगे।

पीएमसीएच और आईजीआईएमएस में बेड की संख्या तो बढ़ ही रही है। यहां चिकित्सकीय सुविधाओं को विस्तार भी दिया जा रहा है। लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल राजवंशीनगर को विस्तारित करते हुए इसे 400 बेड की क्षमता वाले अतिविशिष्ट अस्पताल के रूप में बदला जाएगा।

Input: Dainik Bhaskar

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