12 हजार करोड़ की लागत से हो रहा है 900 किलोमीटर लंबे हाइवे का निर्माण

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PIC BY SANJU

चारधाम की यात्रा करने वालों को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। सुप्रीम कोर्ट ने चारधामों को जोड़ने वाले चारधाम महामार्ग विकास परियोजना को हरी झंडी दे दी है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से मंजूरी मिलने के बाद चारों धामों को जोड़ने वाले हाइवे के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इस हाइवे के बनने के बनने के बाद उत्तराखंड के यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ आपस में जुड़ जाएंगे और श्रद्धालु हर मौसम में इन चारों धामों की यात्रा कर सकेंगे। अभी सर्दी के मौसम में बर्फबारी के कारण श्रद्धालु चारधामों की यात्रा नहीं कर पाते हैं।

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प्रोजेक्ट से जुड़े अन्य कार्यों पर रहेगी रोक

जस्टिस आरएफ नरीमन और जस्टिस विनीत सरन की पीठ ने अपने आदेश में कहा कि चारधाम महामार्ग विकास परियोजना के तहत चारों धामों को जोड़ने वाले हाइवे का निर्माण किया जा सकता है। साथ ही पीठ ने केंद्र सरकार को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की ओर परियोजना को हरी झंडी देने के संबंध में एक शपथपत्र भी दाखिल करने को कहा। आपको बता दें कि एक एनजीओ की शिकायत पर एनजीटी ने इस परियोजना पर नजर रखने के लिए एक कमेटी का गठन किया था।

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पीएम मोदी ने 2016 में किया था शिलान्यास

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 दिसंबर 2016 को चारधाम महामार्ग विकास परियोजना का शिलान्यास किया था। इस परियोजना के तहत करीब 12 हजार करोड़ की लागत से 900 किलोमीटर लंबे सड़क मार्ग का विकास करना है। यह कार्य कई चरणों में होना है जिसके तहत कई नई सड़कों का निर्माण और कुछ पुरानी सड़कों का विकास किया जाना है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद श्रद्धालु किसी भी मौसम में यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम की यात्रा कर सकते हैं।

132 पुलों से आसान होगा सफर

परिवहन मंत्रालय के मुताबिक, इस परियोजना के तहत कुल 132 छोटे पुल, 25 हाई फ्लड लेबल ब्रिज, 2 सुरंग, 13 बाईपास और 3 फ्लाईओवर का निर्माण किया जाएगा। चारधाम यात्रा मार्ग में यात्रियों की सुविधा के लिए 18 सुविधा केंद्र बनाए जाएंगे। यात्रा मार्ग में 154 बस स्टैंड का निर्माण किया जाएगा। यह चारधाम हाइवे कम से कम 10 मीटर चौड़ा होगा। इस प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है और इसके 2020 तक पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है।