प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच नवंबर को उत्तराखंड के केदारनाथ धाम जाएंगे और वहां आदि शंकराचार्य की समाधि सहित कई प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास करेंगे. साथ ही वह क्रियान्वित व जारी योजनाओं की समीक्षा व अवलोकन करेंगे. प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी पांच नवंबर को केदारनाथ मंदिर में पूजा अर्चना करेंगे और उसके बाद आदि शंकराचार्य की समाधि का उद्घाटन करेंगे और उनकी मूर्ति का लोकार्पण करेंगे. ज्ञात हो कि छह नवंबर से सर्दियों के लिए केदारनाथ धाम के कपाट बंद होना निर्धारित है.

वर्ष 2013 में आई भीषण बाढ़ में यह समाधि क्षतिग्रस्त हो गई थी. इसके बाद उसका निर्माण किया गया. पीएमओ ने कहा कि यह पुनर्निमाण कार्य प्रधानमंत्री की निगरानी और निर्देशन में हुआ है. वह लगातार इसकी निगरानी भी करते रहे हैं. इस दौरान प्रधानमंत्री सरस्वती आस्थापथ के इर्दगिर्द हुए निर्माण कार्य व जारी विकास कार्यों की समीक्षा व अवलोकन भी करेंगे. प्रधानमंत्री इस अवसर पर एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे. पीएमओ के मुताबिक सरस्वती आस्थापथ व घाटों, मंदाकिनी आस्थापथ, तीरथ पुरोहित आवास और मंदाकिनी नदी पर बने गुरूड़ छत्ती पुल सहित कई अन्य अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे. इन परियोजनाओं को 130 करोड़ रुपये से तैयार किया गया है.

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प्रधानमंत्री इसके साथ ही 180 करोड़ रुपये की लागत वाली कई परियोजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे. इनमें संगम घाट का पुनर्विकास, प्राथमिक उपचार और पर्यटक सुविधा केंद्र, प्रशासनिक कार्यालय और अस्पताल, मंदाकिनी आस्थापथ लाइन प्रबंधन, वर्षा से बचने के लिए स्थल और सरस्वती नगरीय सुविधा इमारत शामिल हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2017 में केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण के संदर्भ में ध्यान योग गुफाएं बनाने की बात कही थी. इस निर्देश पर तीन गुफाएं तैयार हो चुकी हैं जबकि चौथी का काम अंतिम चरण में है. भक्त यहां रात दिन ध्यान और योग कर सकें इसलिए इन गुफाओं में बिजली, पानी और टॉयलेट आदि के इंतज़ाम किए गए हैं. धाम से करीब डेढ़ किमी दूर दुग्धगंगा से गरुड़चट्टी के बीच ये गुफाएं बनी हैं, जिन पर करीब 27 लाख रुपये खर्च हुए. पौराणिक कला को ध्यान में रखकर बनाई गई हर गुफा में एक एक साधक ध्यान कर सकता है. 12,500 फीट की ऊंचाई पर बनी इन गुफाओं में पानी गर्म करने जैसी सुविधाएं भी हैं.

याद रखने की बात यह है कि 2019 में आम चुनाव के बाद पीएम मोदी केदारनाथ धाम पहुंचे थे और यहां 18 घंटे ध्यान किया था. हालांकि पिछले करीब डेढ़ साल से कोरोना के चलते यहां ध्यान की अनुमति नहीं थी. अब यहां गुफाओं को भक्तों को खोला जा रहा है.

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