पटना, 27 जुलाई 2025 – बिहार में महिला उद्यमिता, परंपरा और आधुनिकता के संगम को दर्शाता एक ऐतिहासिक आयोजन ‘गार्गी उद्यमी सखी सावन महोत्सव’ का भव्य आयोजन गार्गी अध्याय द्वारा होटल द पाइन, पीएनएम मॉल के पास किया गया। इस कार्यक्रम ने न केवल राज्य की महिला उद्यमियों को मंच प्रदान किया, बल्कि यह दिखाया कि बिहार की महिलाएं अब नेतृत्व और नवाचार की दिशा में सशक्त रूप से अग्रसर हो रही हैं।
600+ महिलाएं हुईं शामिल, परंपरा से जुड़ा आधुनिक आयोजन
बिहार के विभिन्न जिलों से आईं 600 से अधिक महिलाओं ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। महिला उद्यमियों द्वारा लगाए गए स्टॉलों ने उनके हुनर, उत्पादों और व्यवसायिक सोच का परिचय दिया। पारंपरिक परिधानों, हस्तकला उत्पादों, घरेलू सामानों और खानपान से जुड़े स्टॉलों ने सबका ध्यान आकर्षित किया।
उद्घाटन किया आई.पी.एस. विकास वैभव ने
कार्यक्रम का उद्घाटन ‘लेट्स इंस्पायर बिहार’ अभियान के संस्थापक एवं मुख्य संरक्षक आई.पी.एस. विकास वैभव ने किया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा:
“2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में विकसित बिहार की भूमिका महिला नेतृत्व के बिना अधूरी है। गार्गी अध्याय ने इस दिशा में अनुकरणीय कार्य किया है।”
उन्होंने बताया कि अभियान से अब तक 2.25 लाख से अधिक लोग जुड़ चुके हैं, जिनमें 20,000+ महिलाएं हैं। बिहार के 14 जिलों में 27 गार्गी पाठशालाएं संचालित की जा रही हैं। साथ ही, गार्गी कला कौशल केंद्रों व ‘गार्गी कृत्या’ के माध्यम से महिला स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है।
विदुषी गार्गी वाचक्नवी की प्रेरणा से जुड़ा संदेश
श्री वैभव ने गार्गी वाचक्नवी और महर्षि याज्ञवल्क्य के संवाद को स्मरण करते हुए कहा कि हमें अपनी सांस्कृतिक परंपरा से यह सीखने की जरूरत है कि व्यक्ति को जाति, धर्म और लिंगभेद से ऊपर उठकर जोड़ना ही हमारी असली विरासत है।
विविध सांस्कृतिक रंगों में सजी शाम
मिथिलांचल, मगध, अंग, भोजपुर, पूर्वांचल और सीमांचल की परंपराएं मंच पर जीवंत हुईं। सावन क्वीन, सावन प्रिंसेस और नन्ही परी प्रतियोगिता में महिलाओं और बच्चियों ने अपनी बुद्धिमत्ता, संवेदनशीलता और रचनात्मकता का परिचय दिया।
• गार्गी सावन क्वीन: माधुरी सिंह
• गार्गी सावन प्रिंसेस: नीतू कुमारी
• गार्गी नन्ही परी: आर्या अंशुमान
प्रेरणा सम्मान से सम्मानित हुईं रितिका राज सिंह
इस वर्ष का गार्गी वाचक्नवी प्रेरणा सम्मान बिहार की प्रसिद्ध लोक गायिका सुश्री रितिका राज सिंह को प्रदान किया गया। निर्णायक मंडल में ऋचा राजपूत, ऋतिका दरबारी और प्रज्ञा सिंह शामिल रहीं।
गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ी
कार्यक्रम में बिहार विधान परिषद की माननीय सदस्य अनामिका सिंह पटेल, लोक गायिका नीतू कुमारी नूतन, राष्ट्रीय महिला आयोग की पूर्व सदस्य सुषमा साहू, बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा मिश्रा, डॉ. बी. प्रियम, डॉ. बिंदा सिंह और श्रीमती बिधु रानी जैसे अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
संचालन और समन्वय में महिला शक्ति का उदाहरण
कार्यक्रम का संचालन डॉ. शबनम अखौरी, फराह नाज़ और अंजलि ने किया, जबकि करिश्मा ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। आयोजन के समन्वय में डॉ. प्रीति बाला के नेतृत्व में शायरीन इरम, नेहा सिंह, करिश्मा, नितिका अग्रवाल, नम्रता कुमारी, सुधा रंजन, रूपा मेहता, अंजलि, निशा भगत सहित कई महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक उत्सव नहीं, बल्कि एक सामाजिक आंदोलन का प्रतीक बना। गार्गी अध्याय यह दिखाने में सफल रहा कि बिहार की महिलाएं अब प्रेरणा की प्रतीक बनकर समाज में बदलाव की राह प्रशस्त कर रही हैं।
आइए, मिलकर प्रेरित करें बिहार –
हर ग्राम और नगर तक पहुंचाएं प्रेरणा का संदेश!

