भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव (Kapil Dev) को दिल का दौरा पड़ा (Heart Attack) है. खबरों के मुताबिक उन्हें दिल्ली के एक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है. कहा जा रहा है की सीने में दर्द के बाद उन्हें हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया. हार्ट में ब्लॉकेज के चलते उनकी एंजियोप्लास्टी हुई है. डॉक्टरों के मुताबिक फिलहाल वे खतरों से बाहर हैं. कपिल देव 61 साल के हैं.

सोशल मीडिया पर उनके जल्द ठीक होने की दुआएं की जा रही है. 16 साल तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में धमाल मचाने वाले कपिल देव कि गिनती दुनिया के बड़े ऑलराउंडर में होती है. एशिया में बल्लेबाजो के मन माफिक पिचों पर भी उनकी स्विंग गेंदों का जलवा दिखता था. 1994 में क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद से वो लगातार मीडिया के जरिए क्रिकेट से जुड़े रहे और अपने लंबे अनुभव का ज्ञान युवाओं तक पहुंचाते रहे हैं.
Wishing Kapil Dev a speedy recovery https://t.co/PRW4tCLzJE
— Sumanth Raman (@sumanthraman) October 23, 2020
हाल ही आया था उनका नया लुक
लॉकडाउन में कपिल देव का नया लुक सामने आया था. उन्होंने सिर के पूरे बाल कटवा लिए थे. लेकिन उन्होंने दाढ़ी नहीं हटाई थी. इस कारण वे बिल्कुल नए अंदाज में दिख रहे थे.
शानदार करियर
साल 1978 में पाकिस्तान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने वाले कपिल देव ने 131 टेस्ट मैचों में शिरकत की. कपिल ने न्यूजीलैंड के रिचर्ड हैडली के सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड को तोड़ा था. उन्होंने कुल 434 विकेट लिए. भारत की तरफ से टेस्ट में अनिल कुंबले के बाद सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड कपिल के नाम ही है. टेस्ट में उनके नाम 5 हजार से ज्यादा रन हैं. इस दौरान उन्होंने 8 शतक भी लगाए थे. इसके अलावा 225 वनडे में कपिल देव ने 253 विकेट लिए थे. उनकी कप्तानी में भारत को कई यादगार जीत मिली थी.

चैंपियन कप्तान
37 साल पहले भारत ने पहली बार कपिल देव की कप्तानी में वर्ल्ड कप पर कब्जा किया था. भारतीय टीम ने कपिल देव की अगुवाई में वेस्टइंडीज जैसी मजबूत टीम को 43 रनों से हराया था. पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने महज 183 रन बनाए थे लेकिन वेस्टइंडीज की मजबूत टीम जवाब में सिर्फ 140 रनों पर सिमट गई.
टीम इंडिया के कोच भी रहे
कपिल देव करीब 10 महीने तक टीम इंडिया के कोच भी रहे थे. वो अक्टूबर 1999 से अगस्त 2000 तक टीम के कोच थे. मैच फिक्सिंग के आरोपों के चलते उन्होंने अपने पद से बाद में इस्तीफा दे दिया था. हालांकि बाद में उनके खिलाफ लगाए गए सारे आरोप खारिज हो गए थे.







