स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा है कि 22 अप्रैल को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर एक से 19 वर्ष तक के बच्चों को कृमि मुक्ति की दवा खिलाई जाएगी। छूटे हुए बच्चों को 26 अप्रैल (मॉप अप दिवस) के दिन दवा खिलाने का निर्णय लिया गया है। राज्य के चयनित 31 जिलों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से 4 करोड़ 87 लाख 94 हजार 304 बच्चों को कृमि मुक्ति की दवा देने की योजना है।

श्री पांडेय ने कहा कि कृमि मुक्ति से बच्चों को पोषण स्तर, हीमोग्लोबिन की कमी के साथ-साथ संपूर्ण शारीरिक व बौद्धिक विकास के दुष्प्रभाव से बचाया जा सकता है। बच्चों में कृमि संक्रमण अस्वच्छता तथा संक्रमित दूषित मिट्टी के संपर्क से होता है। पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआई) चंडीगढ़, राजेंद्र मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंस (आरएमआरआई) पटना, नेशनल इंस्टीट्यूट आफ एपिडेमियोलॉजी (एनआईइ) चेन्नई, एविडेंस एक्शन एवं राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार द्वारा कराये गये सर्वे के अनुसार बच्चों में कृमि संक्रमण की दर 2011 में जो 65 प्रतिशत थी, वह 2019 में 24 प्रतिशत पर आ गयी है।

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