राज्य के सभी जिलों में जल्द ही ट्रैफिक थाने खोले जाएंगे। अभी महज 12 जिलों में ही ट्रैफिक थाने हैं। पुलिस मुख्यालय के स्तर से जिलों में ट्रैफिक थाना खोलने की कवायद फिर से शुरू हो गई है। ट्रैफिक आइजी एमआर नायक ने इस बाबत विस्तृत प्रस्ताव बनाकर पुलिस मुख्यालय को भेजा था जिसे स्वीकृति मिल गई है। अब गृह विभाग की स्वीकृति का इंतजार है।

राज्य में कुल 38 जिले हैं। इसके अलावा नवगछिया और बगहा दो पुलिस जिले हैं। इस तरह 40 पुलिस जिलों में महज एक दर्जन में ही ट्रैफिक थाने हैं। शेष 28 जिलों में नए ट्रैफिक थाने खोलने की तैयारी है। प्रस्ताव पर सरकार से स्वीकृति मिलते ही आधारभूत संरचना से लेकर पद सृजन तक का काम शुरू कर दिया जाएगा।

डीएसपी के हाथ में होगी कमान : सभी ट्रैफिक थानों की कमान डीएसपी रैंक के अफसर के हाथ में होगी। जिन 28 जिलों में नए ट्रैफिक थाने खोलने जाने हैं, उन्हें दो भागों में बांटा गया है। 23 बड़े जिला मुख्यालय वाले ट्रैफिक थानों में 165 पदों के सृजन का प्रस्ताव है। वहीं शिवहर, अरवल जैसे छोटे जिलों के लिए 84 पदों के सृजन का प्रस्ताव है। इसमें उीएमसपी के साथ इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर के साथ बड़ी संख्या में सिपाही शामिल हैं।
अभी 15 ट्रैफिक थाने
राज्य के 12 जिलों में अभी 15 ट्रैफिक थाने हैं। सबसे अधिक तीन ट्रैफिक थाना पटना जिले में है। गांधी मैदान, बाइपास और सगुना में ट्रैफिक थाना है। गया में दो ट्रैफिक थाने हैं। इसके अलावा मुजफ्फरपुर, भागलपुर, आरा, छपरा, बिहारशरीफ, दरभंगा, मुंगेर, बेगूसराय, पूर्णिया और कटिहार में एक-एक ट्रैफिक थाना है।

इन जिलों में थाना खोलने का प्रस्ताव
अररिया, अरवल, औरंगाबाद, बांका, भभुआ, बक्सर, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, जमुई, जहानाबाद, खगड़िया, किशनगंज, लखीसराय, मधेपुरा, मधुबनी, नवादा, रोहतास, सहरसा, समस्तीपुर, शेखपुरा, शिवहर, सीतामढ़ी, सिवान, सुपौल, वैशाली, पश्चिमी चंपारण, बगहा, नवगछिया।

Source : Dainik Jagran






