सिकंदरपुर वार्ड 14 में सीवरेज लाइन बिछाने के क्रम में अचानक गड्ढे में पानी भर जाने से मजदूर रंजीत कुमार की डूबने से हुई मौत मामले पर सिस्टम का ‘पर्दा’ डाल दिया गया है। निगम की जलापूर्ति पाइप लाइन के फटने का जिम्मेदार मजदूर को ही बताकर दोष मढ़ दिया गया है।

नगर थाना के पुलिस अधिकारी के समक्ष स्मार्ट सिटी के सुपरवाइजर पूर्णिया जिले के मीरगंज के चैठवा निवासी सूरज कुमार ने बयान दर्ज कराया है। उन्होंने कहा है कि रंजीत सीवरेज (सड़क में पाइप डालने) का काम कर रहा था। नाले में उसका पैर फिसल गया जिससे नाले के पानी वाला पाइप टूट गया। इससे नाला की मिट्टी ढह गई और उसी में दबकर रंजीत की मौत हो गई। इसमें किसी अन्य का कोई दोष नहीं है। नगर थानाध्यक्ष अनिल कुमार ने बताया कि मजदूर के शव का एसकेएमसीएच में पोस्टमार्टम कराया गया है। इसकी रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। स्मार्ट सिटी के सुपरवाइजर के बयान पर यूडी केस (अस्वाभाविक मौत) दर्ज किया गया है।

नगर थाना के सिकंदरपुर वार्ड 14 के महेश्वरी कांप्लेक्स के निकट बीते शनिवार को सीवरेज लाइन बिछाने का काम चल रहा था। वहां तीन मजदूर 10 फीट गहरे गड्ढे में उतरकर काम कर रहे थे। जमीन के नीचे बिछा नगर निगम का मुख्य जलापूर्ति पाइप अचानक जेसीबी से खोदे जाने के कारण टूट गया। गड्ढे में पानी तेजी से भरने लगा। तीनों मजदूर इसमें फंस गए। दो किसी तरह बाहर निकले, लेकिन सीतामढ़ी जिला के डुमरा थाना के गोपनाथपुर निवासी रंजीत कुमार (22) फंसा रह गया। पानी भरने एवं मिट्टी गिरने से वह फंस गया। उसे बाहर निकालने का कोई संसाधन वहां मौजूद नहीं था। इससे वह लगभग आधा घंटा तक गड्ढे में ही फंसा रहा। बाद में वहां काम कर रहे अन्य मजदूरों ने जेसीबी के सहारे गड्ढे में उतर किसी तरह बाहर निकाला। बाइक पर उसे सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।
Source: Dainik Jagran






![]()


