प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत बिहार के 82,58,217 किसानों के बैंक खाते में 16,57,98,34,000 रुपये जमा किए गए। मंगलवार को कृषि मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान निधि (पीएम-किसान) देश के सभी रैयत किसानों के परिवारों को आमदनी सहायता प्रदान करने की दृष्टि से केंद्र सरकार द्वारा यह शत-प्रतिशत प्रायोजित योजना है। योजना का मुख्य लक्ष्य किसानों की आय दोगुनी करना है।

कृषि मंत्री श्री सिंह ने बताया कि राज्य के कुल 86.19 लाख किसानों को पीएम-किसान योजना का लाभ मिल रहा है एवं मार्च, 2022 तक कुल 1,42,56,81,94,000 रुपये उनके खाते में डीबीटी के माध्यम से डाले जा चुके हैं। भारत सरकार के निर्देशानुसार, पीएम किसान के 83.45 लाख लाभार्थियों को ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है। अब तक बिहार से 58,25,803 किसानों ने अपना ई-केवाईसी करा लिया है, जो कुल लाभार्थी किसानों की संख्या का 70 प्रतिशत है। यह प्रक्रिया जारी है।

भारत सरकार के अनुसार यह कार्य 31 मई, 2022 तक पूरा करने का निर्देश था, जिसे बढ़ाकर 31 जुलाई, 2022 तक किया गया है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना देश के सभी रैयत किसान परिवार (पति, पत्नी और अवयस्क बच्चे), जिनके नाम से कृषि योग्य जमीन एवं जमाबंदी है, वैसे किसान परिवार को आर्थिक सहायता के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा 01 दिसंबर, 2018 से लागू की गई।

इस योजना का उद्देश्य फसल के स्वास्थ्य एवं उचित उपज के लिए किसान को विभिन्न उपादान क्रय करने में वित्तीय मदद प्रदान करने के लिए है, ताकि किसानों के प्रत्याशित कृषि आय को सुनिश्चित किया जा सके। इस योजना के अन्तर्गत रैयत किसान परिवार को सहायता राशि के रूप में 6,000 रुपये प्रतिवर्ष प्रत्येक चार माह के अंतराल (अप्रैल से जुलाई, अगस्त से नवम्बर एवं दिसम्बर से मार्च) पर 2,000 रुपये के तीन बराबर किस्तों में दिए जाते हैं।
Source : Hindustan








