पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के अध्यक्ष जीतन राम मांझी के ताजा बयान से बिहार की सियासत में उबाल आ गया है. रविवार को किशनगंज में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक को संबोधित करते हुए जीतन राम मांझी ने कहा था कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में उन्हें घुटन महसूस हो रही है. इसके लिए उन्होंने विधायकों के संख्या बल के हिसाब से अपनी पार्टी को बीजेपी और जेडीयू से छोटा होने की दुहाई दी थी. मांझी ने यह भी कहा था कि वर्ष 2015 में मुख्यमंत्री बनने के बाद एक साल से भी कम समय में उन्हें सीएम पद छोड़ने का मलाल है.

यही नहीं, मांझी ने यह भी कहा था कि सभी को ऐसा लगता है कि नीतीश सरकार उनके दम पर ही चल रही है. लेकिन हकीकत में ऐसा कुछ नहीं है. उन्होंने कहा कि मेरे पास केवल चार विधायक हैं, अगर चारों विधायकों को हटा भी दिया जाए तो भी नीतीश सरकार के पास दो अतिरिक्त विधायक मौजूद हैं. मांझी ने कहा कि यदि उनके पास अगर दस विधायकों की संख्या होती तो वो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से हर काम करवा लेते.

पार्टी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक जीतन राम मांझी की नाराजगी इस बात से है कि एनडीए गठबंधन में उनकी सुनी नहीं जा रही है. साथ ही वो समय-समय पर सरकार से अपनी पार्टी के लिए डिमांड करते रहते हैं. चाहे वो बिहार विधान परिषद की सीट हो या फिर कुछ और.

CM नीतीश ने कहा- जीतन राम मांझी NDA का हिस्सा
सोमवार को ‘जनता दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में सीएम नीतीश कुमार ने मांझी के इस दावे पर कि वो एनडीए में घुटन महसूस कर रहे हैं पूछने पर कहा कि उनको ऐसा नहीं लगता. वो एनडीए के हिस्सा हैं.
Source : News18









