बिहार के एक लाख किलोमीटर से अधिक ग्रामीण सड़कों पर सड़क सुरक्षा बोर्ड (संकेतक) लगाए जाएंगे। ग्रामीण कार्य विभाग ने नई व पुरानी सभी सड़कों पर अनिवार्य रूप से इसे लगाने का निर्देश दिया है। गांव की सड़कों पर संभावित सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विभाग ने इस आदेश का अनुपालन करने का निर्देश इंजीनियरों को दे दिया है।

पिछले दिनों विश्व बैंक की टीम ने विश्व बैंक के सहयोग से बनने वाली सड़कों का निरीक्षण किया था। उसमें सड़क सुरक्षा से संबंधित कई खामियां पाई थी। इसके बाद विभाग ने विश्व बैंक के सहयोग से बनने वाली सड़कों पर आवश्यक नियमों का पालन करने को कहा था। साथ ही विभाग ने कहा कि विश्व बैंक से हटकर केंद्र या राज्य सरकार के मद से बनने वाली या बन चुकी सड़कों पर भी अनिवार्य रूप से सड़क सुरक्षा बोर्ड लगाए जाएं।

विभाग के निर्देशानुसार अब सभी सड़कों पर सड़क सुरक्षा संकेतक लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार सड़कों पर संकेतक लगाने की कार्रवाई कुछ कार्य प्रमंडलों ने शुरू कर दी है तो कुछ में जल्द शुरू की जाएगी। नई-पुरानी सभी सड़कों पर यह बोर्ड लगाए जाएंगे। ऐसा नहीं होने पर संबंधित एजेंसी या इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इस तरह के लगेंगे संकेत
सूचनात्मक संकेत
इन संकेतों से यात्रियों को स्थानों, वैकल्पिक मार्गों, स्कूल, भोजनालयों, सार्वजनिक शौचालयों, अस्पतालों आदि जैसे प्रमुख स्थानों के बारे में जानकारी दी जाएगी। सड़कों से सटे अगर बसावट होंगे तो वहां आगे आबादी है, धीरे जाएं का भी बोर्ड लगेगा।

अनिवार्य संकेत
इस संकेत में यातायात के सरल संचालन हेतु बोर्ड लगाए जाएंगे। सड़क पर चलने वालों को कानूनों के नियमों और प्रतिबंधों के बारे में जानकारी दी जाएगी। मसलन, गाड़ियों की गति सीमा का बोर्ड लगाया जाएगा और कोई अगर इसका उल्लंघन करेंगे तो उसपर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
चेतावनी संकेत
इस संकेत में पहले से ही सड़क की खतरनाक परिस्थितियों के बारे में जागरूक किया जाएगा ताकि चालक आगे आने वाली स्थितियों से निपटने के लिये आवश्यक कार्रवाई करे। मसलन सड़क ऊंचा है, अधिक ढलान है आदि की जानकारी बोर्ड पर होने से चालक सतर्क हो जाएंगे।
Source : Hindustan







