जदयू संसदीय बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा है कि नैतिकता के आधार पर आरसीपी सिंह को केंद्रीय मंत्री के पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

उपेंद्र कुशवाहा ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि एक तो संवैधानिक स्थिति होती है, जिसमें जब-तक कोई राज्यसभा का सदस्य है, तब-तक आराम से मंत्री रह सकता है पर, एक नैतिकता है। राजनीतिक स्थिति है। ऐसे में आरसीपी सिंह को इस्तीफा देने में विलंब ही नहीं करना चाहिए।

एक सवाल पर यह भी कहा कि सवाल मेरे चाहने का नहीं है। इसमें मेरी कोई सलाह नहीं है पर, जो स्थिति अभी है, उसमें उन्हें केंद्र में मंत्री बने रहने का कोई औचित्य नहीं है। एक अन्य सवाल पर उन्होंने कहा कि आरसीपी सिंह की पार्टी में भूमिका क्या रहेगी, यह पार्टी का एजेंडा नहीं है। यह उन्हीं को तय करना है।

पार्टी से ऊपर कोई नहीं : जदयू के चार नेताओं को निकाले जाने के सवाल पर उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि पार्टी अनुशासित तरीके से चलती है। पार्टी से ऊपर कोई नहीं है। अगर कोई पार्टी हित के खिलाफ काम करता है तो उसपर कार्रवाई स्वाभाविक प्रक्रिया है। यह सब पार्टी में होता है।









