पटना। लम्बे इंतजार के बाद रविवार को क्लैट की परीक्षा सम्पन्न हुई। क्लैट पेपर विशेषज्ञ लॉ प्रेप ट्यूटोरियल के को-फाउंडर अभिषेक गुंजन ने बताया कि पेपर पिछले वर्ष से थोड़ा लेंदी था। जिनकी इंग्लिश वीक थी और जो परीक्षार्थी एलिमिनेटिंग मेथड को नहीं अपनाए उनके लिए 2 घंटे में पेपर को कम्पलीट करना मुश्किल था।

सेक्शन : इंग्लिश – विभिन्न प्रकार के प्रश्न इंग्लिश पेपर में थे, दो पैसेज 600 वर्ड्स से ज्यादा के थे, जो क्लैट कंसोर्टियम के सिलेबस के अनुसार 400 वर्ड्स में होने चाहिए थे। पैसेज लेंदी रहे, लेकिन उनके अंदर पूछे हुए प्रश्न इजी थे। ग्रामर पार्ट से एक भी सवाल नही था।

लॉजिकल रीजनिंग – इस सेक्शन ने ज्यादा नहीं उलझाया, रीजनिंग का हर प्रश्न टू द पॉइंट रहा। ज्यादा प्रश्न कंटेक्सचुअल थे, कुछ प्रश्न अजंप्शन्स से थे, और कुछ मेन आइडिया के भी प्रश्न थे। {जीके/ कर्रेंट अफेयर्स – यह सेक्शन काफी ज्यादा टफ रहा है। बहुत परीक्षार्थियाें को समझ नहीं आए कई सारे टॉपिक्स। चार पैसेज ऐसे थे जो हर को पता था, तीन पैसेज में बच्चे उलझ गए थे।

लीगल एप्टीट्यूट – मॉडरेट सेक्शन रहा परीक्षार्थियाें के लिए, इजी नहीं रहा यह सेक्शन। प्रश्न हाइपाेथेटिकल सिचुएशन से थे, कॉन्ट्रैक्ट से भी प्रश्न रहे।
क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड – पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष डेटा इंटरप्रेटेशन ने ज्यादा नहीं उलझाया।








