मेरी औकात सीएम से ज्यादा है. 1982 में जब मैं आईएएस था तब वे सड़क पर थे. और बात करते है औकात की. प्रधानमंत्री का सपना देख रहे हैं, लेकिन कैसे बनेंगे. पांच- छह सांसदों से प्रधानमंत्री बनने का सिर्फ सपना देखने से क्या होता है. अपनी पार्टी सम्भालें. जेडीयू के कई नेता हमारे संपर्क में हैं. ये दावा और हमला किया है आरसीपी सिंह ने.

दरअसल नीतीश कुमार से जब दिल्ली में RCP सिंह को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने सवाल सुनते ही हमला बोलते हुए कहा कि उसका नाम क्या ले रहे हैं. आप लोगों को पता है कि उनको बनाया कौन, राजनीति में लाया कौन. वह तो IAS था, कौन बनाया था उसको अपना प्राइवेट सेक्रेट्री, हम कहां से कहां बनाए छोड़िए उसकी बात.

इसी बयान के बाद आरसीपी सिंह नीतीश कुमार पर भड़क गए. जब पत्रकारों ने उनसे ये सवाल पूछा तो आरसीपी खफा होते हुए कहा कि नीतीश कुमार मेरी हैसियत की बात करते हैं, मैं बता दूं कि 1982 में जिस वक्त वह सड़क की खाक छान रहा थे. उस समय मैं गांव में बैठकर यूपीएससी की परीक्षा पास कर चुका था. उन्होंने कभी ऐसी परीक्षा नहीं दी होगी. इंजीनियरिंग करने के बाद एक बार नेवी की परीक्षा दी थी, लेकिन उसमें भी वह फेल हो गए थे.

आरसीपी ने कहा कि उन्होंने मुझे नेता बनाया है, लेकिन वह पैदाइशी नेता नहीं बने थे. वह बताएं कि 1977 में उनकी क्या हैसियत थी. 1980 में चुनाव हार गए थे. वह कहते हैं कि वह जननेता हैं. लेकिन जनता ने उन्हें नकार दिया है. RCP सिंह ने इस दौरान नीतीश कुमार पर गद्दार होने का भी आरोप लगा दिया.

आरसीपी सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार ने एक बार नहीं तीन बार बिहार की जनता के साथ गद्दारी की है. उन्हें धोखा दिया है. वह बात करते हैं कि मैंने उनके और जदयू के साथ गद्दारी की है. असली गद्दार कौन है, यह प्रदेश की जनता अच्छे से जानती है.

आरसीपी सिंह ने कहा कि आज वे भले ही जदयू में नहीं हूं. लेकिन प्रखंड स्तर पर अब भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मेरे साथ खड़े हैं. उन्हें पता है कि उनके साथ कौन खड़ा है. उनसभी से संपर्क करने की कोशिश में लगा हूं. आरसीपी सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के लिए सबसे जरुरी है संख्या बल. आपके पास सांसद कितने हैं, यह भी निर्भर करता है. अभी वह जिस पार्टी के साथ हैं, अगर उनके साथ चुनाव लड़ने जाते हैं, तो बिहार की 40 सीटों में से उनके हिस्से में कितनी सीटें आएंगी. 10-11 सीटें मिलेंगी, उनमें कितनी सीटें आएंगी, यह वक्त बताएगा. लेकिन कुछ सांसदों वाली पार्टी के नेता को कोई कैसे अपना प्रधानमंत्री चुन सकता है.
Source : News18







