भारत सरकार ने आईएफएस अधिकारी निधि तिवारी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निजी सचिव के रूप में नियुक्त किया है। कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के आदेश के अनुसार, कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी है। निधि तिवारी वर्तमान में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में उप सचिव के पद पर कार्यरत थीं और अब वह वेतन मैट्रिक्स के स्तर-12 पर निजी सचिव की भूमिका निभाएंगी।
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कौन हैं निधि तिवारी?
2014 बैच की भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी निधि तिवारी ने सिविल सेवा परीक्षा में 96वीं रैंक हासिल की थी। वह वाराणसी के महमूरगंज से ताल्लुक रखती हैं, जो प्रधानमंत्री मोदी का संसदीय क्षेत्र भी है। यूपीएससी परीक्षा पास करने से पहले, उन्होंने वाराणसी में सहायक आयुक्त (वाणिज्यिक कर) के रूप में भी कार्य किया था।
अंतरराष्ट्रीय मामलों में विशेषज्ञता
पीएमओ में शामिल होने से पहले, निधि तिवारी विदेश मंत्रालय (MEA) में कार्यरत थीं। यहां उन्होंने निशस्त्रीकरण और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के प्रभाग में अपनी सेवाएं दीं। उनकी विशेषज्ञता के चलते उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई, जहां वह विदेश और सुरक्षा मामलों से संबंधित कार्यों को संभालती थीं।
अजीत डोभाल को करती थीं रिपोर्ट
प्रधानमंत्री कार्यालय में कार्यरत रहते हुए, निधि तिवारी सीधे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को रिपोर्ट करती थीं। उन्होंने विदेश मामलों, परमाणु ऊर्जा, सुरक्षा मामलों और राजस्थान से संबंधित सरकारी कार्यों को भी संभाला। भारत की जी20 अध्यक्षता के दौरान भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी।
प्रधानमंत्री के निजी सचिव के रूप में उनकी नियुक्ति उनकी कार्यक्षमता और प्रशासनिक कौशल को दर्शाती है, जिससे पीएमओ को विदेशी और सुरक्षा मामलों में अनुभव का लाभ मिलेगा।