पाकिस्तान सरकार ने आधिकारिक तौर पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को 2026 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित करने की घोषणा की है। सरकारी बयान में कहा गया है कि भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के दौरान ट्रंप की कथित कूटनीतिक पहल और नेतृत्व के आधार पर यह सिफारिश की गई है।
इस घोषणा से पहले ऐसी अटकलें तेज़ थीं कि पाकिस्तान ट्रंप को नामित कर सकता है। इन अटकलों को बल तब मिला जब पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने वॉशिंगटन में ट्रंप से लंच मीटिंग की। इस मुलाकात के तुरंत बाद नामांकन की पुष्टि की गई।

सरकारी बयान में कहा गया कि भारत-पाकिस्तान के बीच हालिया तनाव को शांत करने में ट्रंप की भूमिका ‘निर्णायक’ रही, इसलिए उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए औपचारिक रूप से सिफारिश की गई है।
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जनरल मुनीर और ट्रंप के बीच व्हाइट हाउस में हुई लंच मीटिंग को इस नामांकन के लिए अहम बताया जा रहा है। हालांकि, दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत का ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया गया है।

व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ऐना केली ने पहले ही इस मुलाकात की जानकारी देते हुए बताया था कि पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख ट्रंप को शांति प्रयासों के लिए नोबेल नामांकन की अपील के उद्देश्य से मिल रहे हैं।
जनरल असीम मुनीर हाल ही में फील्ड मार्शल के पद पर प्रमोट किए गए हैं, जो उन्हें 1959 में फील्ड मार्शल बने जनरल अयूब खान के बाद इस पद पर पहुंचने वाला पहला अधिकारी बनाता है।

वहीं ट्रंप लगातार यह दावा करते रहे हैं कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच संभावित परमाणु संघर्ष को टालने में अहम भूमिका निभाई है, जबकि भारत सरकार बार-बार ऐसे किसी भी विदेशी हस्तक्षेप के दावे को सिरे से खारिज कर चुकी है। भारत का कहना है कि हालात को नियंत्रण में लाने में भारतीय सेना की कड़ी कार्रवाई ही निर्णायक रही।










