मुजफ्फरपुर: जिले में डेंगू के संभावित खतरे को देखते हुए जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन ने समाहरणालय में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में डेंगू की रोकथाम एवं बचाव को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

अहियापुर और SKMCH के आसपास विशेष निगरानी
बैठक में जानकारी दी गई कि अहियापुर क्षेत्र एवं SKMCH के निकटवर्ती इलाकों में डेंगू के मामले बढ़ने की आशंका है। इसे देखते हुए सिविल सर्जन को स्वयं निरीक्षण करने और नगर आयुक्त के साथ समन्वय स्थापित कर सफाई, कीटनाशक छिड़काव और जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

शहरी क्षेत्रों में फॉगिंग का विशेष रोस्टर
जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त को निर्देशित किया कि शहरी क्षेत्रों में फॉगिंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके लिए क्षेत्रवार रोस्टर तैयार कर टीमों का गठन किया जाएगा ताकि तय समय पर फॉगिंग की जा सके। फिलहाल जिले में 15 फॉगिंग मशीनें हैं, जिन्हें पूरी तरह क्रियाशील रखने और आवश्यक प्रमाणपत्र प्राप्त करने का निर्देश दिया गया है।

अस्पतालों में विशेष व्यवस्था
SKMCH में ब्लड सेपरेटर मशीन को एक्टिव मोड में रखने का निर्देश दिया गया है, वहीं अस्पताल में 30 बेड का डेंगू वार्ड तैयार रखने की बात भी कही गई है। इसके अलावा, जिला अस्पताल में 10 बेड का मेडिकेटेड मच्छरदानी युक्त वार्ड और सभी PHC/CHC में 2-2 बेड डेंगू मरीजों के लिए आरक्षित रखने का आदेश भी जारी किया गया है।

डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को किया गया अलर्ट
जिलाधिकारी ने सभी डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश दिया है। डेंगू के टेस्ट एवं इलाज के लिए सभी स्वास्थ्य केंद्रों को संसाधनों से लैस किया जा रहा है। साथ ही सभी प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को पत्र प्रेषित कर सक्रिय रहने को कहा गया है।
डेंगू के लक्षणों की दी गई जानकारी
बैठक में सिविल सर्जन ने बताया कि डेंगू के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, बदन दर्द, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, त्वचा पर चकत्ते, नाक-मसूड़े से रक्तश्राव, उल्टी में खून आना और काला मल शामिल हैं। लोगों को इन लक्षणों को लेकर सतर्क रहने की अपील की गई है।
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि घर के आसपास जल जमाव न होने दें, मच्छरों से बचाव करें और किसी भी लक्षण के दिखते ही तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं।









