मुजफ्फरपुर। पताही हवाई अड्डा से उड़ान सेवा शुरू करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। उड़ान शुरू होने से पहले यहां ऑब्स्टेकल्स लिमिटेशन सर्वे (OLS) कराया जा रहा है, जिसके तहत हवाई अड्डे के रनवे, आसपास की संरचनाओं और सुरक्षा पहलुओं का गहन निरीक्षण किया जाएगा। इस कार्य के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की तीन सदस्यीय टीम मंगलवार को मुजफ्फरपुर पहुंचेगी।

एयरपोर्ट अथॉरिटी की यह विशेषज्ञ टीम OLS सर्वे करेगी और रिपोर्ट तैयार कर एएआई चेयरमैन को सौंपेगी। टीम का नेतृत्व आर आर शर्मा करेंगे। उनके साथ जीआईएस विशेषज्ञ रवींद्र सिंह और नीरज सिंह भी शामिल रहेंगे। यह सर्वे पताही हवाई अड्डा की उड़ान सेवा के लिए अंतिम रूपरेखा तैयार करने में अहम भूमिका निभाएगा।

101 एकड़ में फैला है पताही एयरपोर्ट, रनवे 4,000 फीट
पूर्व में किए गए सर्वे के अनुसार, पताही एयरपोर्ट का क्षेत्रफल 101 एकड़ है और इसका रनवे चार हजार फीट लंबा है। हालांकि, बड़े विमानों की उड़ान के लिए यह लंबाई पर्याप्त नहीं मानी गई थी। केंद्र सरकार ने पहले इसके विस्तार के लिए 475 एकड़ अतिरिक्त जमीन की मांग राज्य सरकार से की थी। लेकिन बाद में योजना में बदलाव कर छोटे विमानों की उड़ान और फ्लाइंग इंस्टीट्यूट की स्थापना का निर्णय लिया गया।

वर्तमान में पताही हवाई अड्डे को घरेलू विमान सेवा योजना के तहत ऑपरेशनल बनाने के लिए 25 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी जा चुकी है।
रनवे, सुरक्षा, बाधाओं का होगा गहन निरीक्षण
सर्वे टीम रनवे की वर्तमान स्थिति, टेकऑफ और लैंडिंग प्वाइंट, सुरक्षा प्रबंध, चहारदीवारी, हैंगर और आसपास की बड़ी इमारतों व पेड़ों की ऊंचाई को ध्यान में रखते हुए विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी। यह रिपोर्ट एयरपोर्ट अथॉरिटी के माध्यम से नागरिक उड्डयन मंत्रालय को भेजी जाएगी, जहां से अंतिम मंजूरी दी जाएगी।

नेताओं की प्रतिक्रिया
केंद्रीय जलशक्ति राज्यमंत्री राजभूषण चौधरी ने कहा,
“सरकार आलोचनाओं से घबराने वाली नहीं है। पताही एयरपोर्ट से उड़ान इस क्षेत्र के विकास का लक्ष्य रहा है। केंद्रीय टीम के दौरे और रिपोर्ट के बाद आगे के फैसले होंगे।”
पूर्व नगर विकास मंत्री सुरेश शर्मा ने कहा,
“प्रधानमंत्री की घोषणा को अमलीजामा पहनाया जा रहा है। बाधाओं के बावजूद अब पताही से उड़ान सेवा का सपना साकार होने जा रहा है।”
पताही हवाई अड्डे पर उड़ान सेवा की बहुप्रतीक्षित शुरुआत अब नजदीक नजर आ रही है। OLS सर्वे की रिपोर्ट के बाद उड़ान की अंतिम मंजूरी मिलना तय माना जा रहा है। यदि सब कुछ योजना के अनुसार चला तो जल्द ही मुजफ्फरपुर को एक नई उड़ान सेवा की सौगात मिल सकती है।









