मुजफ्फरपुर जिले में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और महिला सशक्तिकरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से खुदीराम बोस स्टेडियम में “आकांक्षा हाट मेला” का आयोजन किया गया। जिला पदाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने रंग-बिरंगे गुब्बारे उड़ाकर मेले का शुभारंभ किया। यह मेला 28 जुलाई से 2 अगस्त 2025 तक चलेगा, जिसमें 15 स्टॉल लगाए गए हैं।

मेले में स्वयं सहायता समूहों, जीविका, खादी ग्रामोद्योग और कृषि विभाग से जुड़े लोगों द्वारा निर्मित वस्तुएं बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। कृषि विभाग के स्टॉल पर रागी, मडुआ, ज्वार जैसे ऑर्गेनिक उत्पाद और वर्मी कंपोस्ट को प्रदर्शित किया गया है। वहीं खादी मॉल द्वारा 30% छूट पर पारंपरिक परिधान और स्थानीय स्वादिष्ट व्यंजन जैसे अचार, नमकीन भी उपलब्ध हैं।

‘दीदी की रसोई’ और हैंडमेड ज्वेलरी जैसे उत्पाद महिलाओं की सृजनशीलता और आत्मनिर्भरता की मिसाल बनते जा रहे हैं। यह मेला न केवल आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम है, बल्कि ग्राम्य प्रतिभाओं को बाजार से जोड़ने का प्रयास भी है।

मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत युवा, महिला, SC-ST और EBC वर्ग के उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। नीति आयोग के “संपूर्णता अभियान” के अंतर्गत मुजफ्फरपुर को 10 करोड़ रुपये का पुरस्कार प्राप्त हुआ है, जो जिले के विकास को नई दिशा देगा।









