बिहार विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। महागठबंधन की अगुवाई कर रहे राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
मुजफ्फरपुर महापौर श्रीमती निर्मला देवी एवं उनके संबंधी श्री मनोज कुमार एवं श्री दिलीप कुमार से दो मतदान केंद्रों में नाम रखने से संबंधित मामले में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र संख्या 94-मुजफ्फरपुर के निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी द्वारा स्पष्टीकरण हेतु नोटिस दिया गया है।@CEOBihar pic.twitter.com/77LYxJf8h4
— जिला प्रशासन मुजफ्फरपुर (@DM_Muzaffarpur) August 13, 2025
तेजस्वी यादव ने बुधवार को आरोप लगाया कि मुजफ्फरपुर की मेयर और बीजेपी नेता निर्मला देवी के पास एक ही विधानसभा क्षेत्र में दो वोटर आईडी कार्ड हैं। इसी तरह, उन्होंने यह भी दावा किया कि निर्मला देवी के देवर के पास भी दो वोटर आईडी मौजूद हैं। तेजस्वी का कहना था कि कई मतदाताओं को “अनट्रेसेबल” या “मृत” घोषित कर दिया जाता है, लेकिन चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे बीजेपी नेताओं पर कोई कार्रवाई नहीं होती।

इस मामले पर संज्ञान लेते हुए चुनाव आयोग ने निर्मला देवी को नोटिस जारी किया है और चार दिन के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि उनका जवाब 16 अगस्त की शाम 5 बजे तक अनिवार्य रूप से जमा होना चाहिए।

तेजस्वी यादव ने इसी तरह के आरोप बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा पर भी लगाए थे। इस पर चुनाव आयोग ने विजय कुमार सिन्हा को भी नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा है।










