पटना – मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को एक अणे मार्ग स्थित संकल्प भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बाढ़ प्रभावित इलाकों में चल रहे राहत व बचाव कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अनुग्रह राहत राशि (जीआर) का वितरण प्रभावित परिवारों तक जल्द से जल्द पहुंचाया जाए।

बैठक के दौरान सीएम ने कहा कि बाढ़ के दौरान किसानों की फसल क्षति का मुआवजा तुरंत दिया जाए और नदियों के किनारे के इलाकों में जलस्तर बढ़ने पर प्रशासन सतर्क रहे। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रभावित लोगों को पूरी संवेदनशीलता के साथ सहायता दी जाए और राहत कार्यों में कोई ढिलाई न बरती जाए।

बैठक में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, आपदा प्रबंधन मंत्री विजय कुमार मंडल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, सचिव अनुपम कुमार, सचिव कुमार रवि और आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह मौजूद थे, जबकि संबंधित जिलों के डीएम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े।

आपदा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने जानकारी दी कि गंगा किनारे के 10 जिलों के 54 प्रखंड और 348 पंचायतों की लगभग 25 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित है। राहत और बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की 7 और एसडीआरएफ की 9 टीमें, 60 मोटर बोट और 1233 नावें तैनात हैं। अब तक 52,573 पॉलीथीन शीट, 1,800 सूखा राशन पैकेट वितरित किए गए और 13 लाख से अधिक लोगों को सामुदायिक रसोई केंद्रों के माध्यम से भोजन उपलब्ध कराया गया है। पशुओं के लिए चारा और चिकित्सा की व्यवस्था भी की गई है।

मुख्यमंत्री ने पथ निर्माण एवं ग्रामीण कार्य विभाग को बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत जल्द पूरा करने का निर्देश दिया, ताकि लोगों के आवागमन में दिक्कत न हो।

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