वैशाली जिले में गुरुवार शाम पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में कुख्यात लुटेरा अरविंद सहनी मुठभेड़ में मारा गया। वह लूट और हत्या जैसे 22 गंभीर मामलों में वांछित था और लंबे समय से फरार चल रहा था। समस्तीपुर कोर्ट से 28 मई को पुलिसकर्मियों को धक्का देकर भागने के बाद से उसकी तलाश में कई जिलों की पुलिस जुटी थी। मुजफ्फरपुर पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।

सूत्रों के अनुसार, वैशाली प्रखंड के चिंतामणिपुर हाई स्कूल के पीछे बगीचे में पुलिस ने उसे घेरने की कोशिश की, तभी उसने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया। मुठभेड़ के दौरान लगभग 20 राउंड गोलियां चलीं। इस दौरान एक पुलिसकर्मी को गोली लगी, जबकि कुछ अन्य जवान भी घायल हुए।

अरविंद सहनी वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर और पूर्वी चंपारण के अलावा छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में भी डकैती और लूटपाट की वारदातों में शामिल रहा था। हाजीपुर में 2019 में हुए मुथूट फाइनेंस के 55 किलो सोना लूटकांड में भी उसका नाम सामने आया था। कुछ दिन पहले भी पुलिस ने करजा थाना क्षेत्र में उसे घेरने की कोशिश की थी, लेकिन वह अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला था।

30 वर्षीय अरविंद सहनी की आपराधिक गतिविधियों और बेखौफ वारदातों ने पुलिस के लिए उसे पकड़ना एक बड़ी चुनौती बना दिया था, जिसका अंत अब एनकाउंटर के साथ हो गया।
Input : Hindustan









