पटना, 16 अगस्त। बिहार सरकार ने किसानों को तकनीक से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य मंत्रिमंडल ने कृषि विभाग में डिजिटल कृषि निदेशालय के गठन को मंजूरी दे दी है। इसके लागू होते ही किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ रियल टाइम मिल सकेगा और खेती-किसानी से जुड़े काम अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पूरे होंगे।

खेत-खलिहान में आएगी डिजिटल क्रांति
नीतीश सरकार का दावा है कि इस पहल से किसानों को खेती से लेकर बाजार तक डिजिटल सुविधा मिलेगी। मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड, पौधों की सुरक्षा के लिए ड्रोन तकनीक और फसल व मौसम से जुड़ी जानकारी भी किसानों तक आसानी से पहुंचाई जाएगी। साथ ही, जनरल क्रॉप एस्टीमेशन सर्वे के जरिए किसानों को सटीक आंकड़े उपलब्ध होंगे।

योजनाओं की रफ्तार होगी तेज
डिजिटल कृषि निदेशालय की मदद से कृषि विभाग के विभिन्न निदेशालयों और निगमों में ई-गवर्नेंस टूल्स और ई-ऑफिस प्रणाली लागू होगी। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन की रफ्तार बढ़ेगी और किसानों तक सेवाएं समय पर पहुंचेंगी।

फार्मर रजिस्ट्री होगी आसान
नई व्यवस्था में किसान घर बैठे मोबाइल एप के जरिए अपनी रजिस्ट्री करा सकेंगे। पूरी प्रक्रिया डिजिटल होने से समय और मेहनत की बचत होगी। इसके साथ ही, ई-डैशबोर्ड के माध्यम से योजनाओं की निगरानी और विभागों के बीच बेहतर समन्वय संभव होगा।
पारदर्शिता और तकनीकी बदलाव
सरकार का मानना है कि यह पहल खेती में तकनीकी बदलाव का नया अध्याय साबित होगी। पारदर्शिता बढ़ेगी, आंकड़े सटीक होंगे और किसान सीधे अपने खेत से ही सरकारी योजनाओं का लाभ ले पाएंगे।









