MUZAFAFRPUR : 16 अगस्त से शुरू हुए राजस्व महाअभियान के तहत मुजफ्फरपुर जिले में रैयतों को घर-घर जाकर जमाबंदी प्रति वितरित की जा रही है। अब तक जिले में कुल 10,84,320 जमाबंदी प्रति रैयतों तक पहुंचाई जा चुकी है। सिर्फ मंगलवार को ही 1,09,879 जमाबंदी प्रति ग्रामीणों को उपलब्ध कराई गई।
जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य रैयतों को उनकी भूमि से संबंधित सही एवं पारदर्शी दस्तावेज उपलब्ध कराना है ताकि उनकी समस्याओं का “स्थायी समाधान” किया जा सके।

हल्कावार कैंप 21 अगस्त से 20 सितंबर तक
जमाबंदी वितरण के साथ ही 21 अगस्त से 20 सितंबर तक हल्कावार कैंपों का आयोजन किया जा रहा है। ये कैंप पंचायत सरकार भवनों और अन्य सरकारी भवनों में लगाए जा रहे हैं। इसमें दाखिल-खारिज, परिमार्जन और अन्य सुधार कार्य त्वरित गति से निपटाए जा रहे हैं। डीएम ने कहा कि अब रैयतों को अपनी समस्या समाधान के लिए कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना होगा। “दरवाजे पर ही समाधान” की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

अभियान से जुड़े फायदे
• भूमि अभिलेखों की शुद्धता सुनिश्चित होगी।
• बैंकों से ऋण प्राप्त करना आसान होगा।
• सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे मिल सकेगा।
• विवाद रहित भूमि से समाज में सौहार्द बढ़ेगा।

इस कार्य में राजस्व कर्मचारी, विकास मित्र, किसान सलाहकार, पंचायत सचिव सहित कई कर्मियों को लगाया गया है। अंचलाधिकारी से लेकर ADM (राजस्व) तक को कैंप की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
डीएम की अपील
डीएम सेन ने जिले के सभी रैयतों से अपील की कि वे कैंपों में पहुंचकर अपने दस्तावेजों की शुद्धता की पुष्टि कराएँ और इस अभियान का लाभ उठाएँ। उन्होंने कहा कि यह केवल भूमि अभिलेख सुधार का अभियान नहीं है, बल्कि ग्रामीण समाज में स्थायी समाधान और विकास की नई दिशा है।









