मुजफ्फरपुर जिले में भूमि एवं राजस्व कार्यों की पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कांटी अंचलाधिकारी सुश्री रिशिका को गंभीर अनियमितताओं और आदेश की अवहेलना के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
जांच में पाया गया कि उन्होंने राजकीय बीज गुणन प्रक्षेत्र, कांटी की 44 डिसमिल जमीन को निजी व्यक्ति के नाम दाखिल–खारिज कर दिया, जो नियमों का घोर उल्लंघन है। इसके अलावा ऑनलाइन दाखिल–खारिज, भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र, अभियान बसेरा टू और आधार सीडिंग जैसे प्राथमिकता वाले कार्यों में भी कांटी अंचल का प्रदर्शन बेहद असंतोषजनक पाया गया।

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सभी आरोपों को गंभीर मानते हुए, बिहार सरकारी सेवक वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील नियमावली 2005 के तहत रिशिका को निलंबित किया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय तिरहुत प्रमंडल आयुक्त कार्यालय, मुजफ्फरपुर निर्धारित किया गया है।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि लापरवाही, अनियमितता और आदेश की अवहेलना किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि भूमि एवं राजस्व मामलों में जनता को समयबद्ध और पारदर्शी सेवा मिलनी चाहिए। सभी अंचलाधिकारियों और राजस्व कर्मियों को मिशन मोड में काम करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि जिले के हर अंचल में साप्ताहिक समीक्षा बैठकें हो रही हैं और लंबित मामलों के निस्तारण की रफ्तार तेज हुई है। दोषी अधिकारियों/कर्मियों की पहचान कर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
आधुनिक तकनीक आधारित पोर्टल, भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र और आधार लिंकिंग से पारदर्शिता बढ़ेगी और अनियमितता की गुंजाइश नहीं रहेगी। प्रशासन का प्राथमिक उद्देश्य है कि आम नागरिकों को अपनी जमीन से जुड़े कार्यों के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।









