पटना मेट्रो प्रोजेक्ट ने बुधवार को बड़ी उपलब्धि हासिल की, जब डिपो परिसर में पहला ट्रायल रन सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इस मौके पर नगर विकास एवं आवास मंत्री जिवेश कुमार और मेट्रो के प्रबंध निदेशक अभय कुमार सिंह ने रेड लाइन के स्टेशनों और डिपो का निरीक्षण किया। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि इस महीने के अंत तक पटनावासी मेट्रो की सवारी का अनुभव कर सकेंगे।
अधिकारियों के अनुसार, एडमिन बिल्डिंग, ट्रैक और अन्य तकनीकी सिस्टम पूरी तरह से तैयार हैं। रेलवे बोर्ड द्वारा सुझाए गए सुरक्षा मानकों की जांच कर अंतिम सुधार कार्य किया जा रहा है। शेष बचे कार्यों को 15 दिनों के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
डिपो और ट्रायल की खास बातें
• डिपो परिसर में 800 मीटर लंबे ट्रैक पर ट्रायल रन किया गया।
• करीब 30.5 हेक्टेयर भूमि पर बने डिपो में 66 ट्रेनों के रखरखाव की क्षमता होगी।
• डिपो क्षेत्र में वर्कशॉप, निरीक्षण शेड, प्रशासनिक भवन, कोच वॉशिंग प्लांट और अन्य आवश्यक सुविधाओं का निर्माण जारी है।
• भविष्य की विस्तार योजनाओं को ध्यान में रखकर यहां 3 किलोमीटर तक ट्रैक बिछाया गया है।

रेड लाइन का परिचालन
मेट्रो का पहला कॉरिडोर रेड लाइन है, जिसमें आईएसबीटी से मलाही पकरी तक पांच स्टेशन शामिल हैं। शुरुआती दौर में आईएसबीटी से भूतनाथ स्टेशन तक ट्रायल के बाद यात्रियों के लिए सेवा शुरू की जाएगी।
मेट्रो कोच की विशेषताएं
• तीन कोच वाली मेट्रो की प्रत्येक बोगी में लगभग 300 यात्री सफर कर सकेंगे।
• कोच की डिजाइन पर बिहार की सांस्कृतिक धरोहर की झलक देखने को मिलेगी, जिसमें गोलघर, महावीर मंदिर और भगवान महावीर की कलाकृतियां शामिल हैं।
• आधुनिक और आकर्षक कोच यात्रियों के लिए खास आकर्षण का केंद्र होंगे।

पटना मेट्रो का यह सफल ट्रायल न केवल शहरवासियों के लिए राहत की खबर है, बल्कि राजधानी में यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने वाला कदम भी साबित होगा।










