MUZAFFARPUR : फिडे मास्टर का खिताब हासिल करने के बाद शहर की युवा शतरंज खिलाड़ी मरियम फातिमा अब अपने अगले बड़े लक्ष्य—ग्रैंडमास्टर नॉर्म—की ओर कदम बढ़ा रही हैं। तमिलनाडु के शिवकाशी में एक ग्रैंडमास्टर से प्रशिक्षण ले रहीं मरियम ने बताया कि फिडे द्वारा 2100 रेटिंग मिलने के बाद अब उन्हें ग्रैंडमास्टर नॉर्म के लिए 2400 रेटिंग हासिल करनी होगी।
मरियम का कहना है कि अभी तक बिहार से कोई भी खिलाड़ी ग्रैंडमास्टर नहीं बना है और वह चाहती हैं कि इस अधूरे सपने को पूरा कर पूरे प्रदेश का मान बढ़ाएं। इस सफर में उन्होंने एमडीसीए (मुजफ्फरपुर डिस्ट्रिक्ट चेस एसोसिएशन) और ऑल बिहार चेस एसोसिएशन का आभार जताया, जिन्होंने लगातार उनका सहयोग किया।

छोटी उम्र से शुरू हुआ सफर
मरियम ने मात्र 7 वर्ष की उम्र में बिहार अंडर-9 और अंडर-11 टूर्नामेंट जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने लंबे समय तक बिहार महिला चैंपियन रही नेहा सिंह को पराजित कर पहली बार बिहार सीनियर महिला चैंपियन बनने का गौरव भी हासिल किया।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर झलकाया दम
अपने कोच कुमार गौरव और आभास कुमार के मार्गदर्शन में मरियम ने अगस्त 2025 में स्पेन के बार्सिलोना में आयोजित बारबेड़ा डेल वैलिस ओपन चेस चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी रेटिंग को 2100 तक पहुंचाया।

उन्होंने बताया कि—
• इंटरनेशनल मास्टर (IM) बनने के लिए 2300 रेटिंग चाहिए।
• ग्रैंडमास्टर (GM) बनने के लिए 2400 रेटिंग जरूरी है।
परिवार का बड़ा योगदान
मरियम ने स्वीकार किया कि इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्हें कई आर्थिक कठिनाइयों से जूझना पड़ा। उनके पिता इम्तियाज अहमद, जो पेशे से शिक्षक हैं, ने परिवार के खर्चों में कटौती कर बेटी के सपने को जिंदा रखा। वहीं उनकी मां सबिस्ता जबी ने भी हर कदम पर हौसला बढ़ाया।

मरियम का कहना है— “अब मेरी सिर्फ एक ख्वाहिश है कि मैं इंटरनेशनल मास्टर और ग्रैंडमास्टर बनकर मुजफ्फरपुर चेस एसोसिएशन का सपना पूरा करूं और बिहार को नया इतिहास दूं।”









