जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए भीषण आतंकी हमले के बाद सोशल मीडिया पर भड़काऊ और संवेदनशील पोस्ट साझा करने के आरोप में लोक गायिका नेहा सिंह राठौर की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हजरतगंज थाने में दर्ज मुकदमे में राष्ट्रीय अखंडता को ठेस पहुंचाने, धार्मिक समुदायों के बीच तनाव को बढ़ावा देने, गलत सूचनाएँ फैलाने और अफवाह फैलाने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।

हजरतगंज पुलिस ने नेहा सिंह को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भेजा था और हाई कोर्ट ने भी इस संबंध में पेश होने का निर्देश दिया था। लेकिन उन्होंने बीमारी का हवाला देते हुए अब तक पुलिस के सामने उपस्थित नहीं हुईं। इसके बाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर कोई राहत नहीं दी।

पुलिस के अनुसार, विवेचना में यह तथ्य सामने आया कि नेहा के एक्स (पूर्व ट्विटर) पर किए गए विवादित पोस्ट पाकिस्तान में भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा के रूप में उपयोग किए जा रहे थे। पोस्ट और वीडियो की जांच करा ली गई है और विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट में इनके असली होने की पुष्टि हुई है। किसी प्रकार की एडिटिंग या छेड़छाड़ नहीं पाई गई।
पुलिस ने अपनी रिपोर्ट शासकीय अधिवक्ता के जरिए हाई कोर्ट को भेज दी है और नेहा सिंह की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है, जो विभिन्न स्थानों पर दबिश दे रही है।

सबसे पहले कुर्सी रोड स्थित वुडलैंड पैराडाइज निवासी अभय प्रताप सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी। बाद में रानीगंज के सौरव, दुर्विजयगंज के हिमांशु वर्मा और दुगांवा निवासी अर्जुन गुप्ता ने भी नेहा के भड़काऊ पोस्ट पर तहरीर दी, जिन्हें एफआईआर में शामिल किया गया।
इंस्पेक्टर विक्रम सिंह के अनुसार, मामले की जांच तेज गति से जारी है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
Input : Dainik Jagran










