बिहार सरकार संगठित अपराध, नशे और आतंकवाद के बदलते स्वरूप से निपटने के लिए पुलिस की विशेष इकाइयों को और मजबूत करने की तैयारी में है। गृह विभाग की उच्चस्तरीय बैठक में निर्णय लिया गया है कि अब जिला स्तर पर एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) और रेंज स्तर पर एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड) की नई इकाइयाँ गठित की जाएँगी। विभागीय सहमति के बाद इस प्रस्ताव को सरकार की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। वर्तमान में दोनों इकाइयाँ केवल राज्य मुख्यालय पर ही संचालित हो रही हैं।

सूखे नशे की बढ़ती तस्करी और सीमावर्ती क्षेत्रों में साइबर ठगी के प्रसार को देखते हुए सरकार पहले ही दो नई विशेषज्ञ इकाइयाँ बना चुकी है। अब इन इकाइयों को संसाधन, तकनीक और जनशक्ति के स्तर पर और मजबूत किया जाएगा।
सीमा से सटे क्षेत्रों में सक्रिय साइबर गिरोह लगातार पुलिस को चुनौती दे रहे हैं। इन्हें ध्वस्त करने के लिए साइबर यूनिट समन्वित कार्रवाई चलाएगी। इसके साथ ही, सूखे नशे की खेप को रोकने के लिए एनसीबी की तर्ज पर स्वापक नियंत्रण एवं मद्य निषेध इकाई भी गठित की गई है।

राज्य में सुशासन और अपराध नियंत्रण की नीति के तहत एसटीएफ को बेहद प्रभावी माना जाता है। बालू, शराब और जमीन माफिया पर कार्रवाई से लेकर बड़े आपराधिक मामलों के खुलासे में एसटीएफ ने लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। नक्सल गतिविधियों को खत्म करने में भी इसकी भूमिका उल्लेखनीय रही है।
जिला स्तर पर नई एसटीएफ इकाइयाँ बनने से स्थानीय अपराध नेटवर्क पर निगरानी और कार्रवाई दोनों तेज होंगी, जिससे संगठित गिरोहों को तोड़ने में और तेजी आएगी।

आतंकवाद के हथियारबंद और साइबर आधारित नए स्वरूप ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क किया है। बिहार में 12 साल पहले गठित एटीएस की भूमिका इन परिस्थितियों में और अहम हो गई है। दरभंगा मॉड्यूल, फुलवारीशरीफ मॉड्यूल और देशभर में हथियारों की आपूर्ति में बिहार कॉरिडोर की चर्चाओं ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ाई है। ऐसे में रेंज स्तर पर एटीएस इकाइयाँ बनने से संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सकेगी और राज्यों व केंद्र से बेहतर समन्वय भी स्थापित होगा।

बिहार की सीमाएँ पश्चिम बंगाल, झारखंड, उत्तर प्रदेश और नेपाल से सटी हैं। सीमांचल और चंपारण के कई इलाके तस्करी और अवैध गतिविधियों के लिहाज से बेहद संवेदनशील माने जाते हैं। नई इकाइयों के गठन से इन क्षेत्रों में निगरानी मजबूत होगी और अंतरराज्यीय व अंतरराष्ट्रीय तस्करी पर भी प्रभावी रोक लग सकने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, बिहार सरकार अपराध व आतंकवाद के बदलते परिदृश्य को देखते हुए पुलिस की विशेष इकाइयों का विस्तार करने जा रही है, ताकि कानून-व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र को और मजबूत बनाया जा सके।










