पटना। बिहार की नीतीश सरकार ने राज्य के सर्वांगीण विकास को नई गति देने के उद्देश्य से अपने महत्वाकांक्षी सात निश्चय कार्यक्रम के तीसरे चरण (सात निश्चय-3) को लागू करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसकी आधिकारिक घोषणा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से की। यह कार्यक्रम वर्ष 2025 से 2030 तक लागू रहेगा और इसका उद्देश्य बिहार को देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करना है।
24 नवम्बर 2005 को जब से हमलोगों की सरकार बनी, तब से राज्य में कानून का राज है और लगातार 20 वर्षों से सभी क्षेत्रों और सभी वर्गों के विकास के लिए काम किया गया है। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि राज्य में सुशासन के कार्यक्रमों के अन्तर्गत सात निश्चय (2015-2020) और सात निश्चय-2…
— Nitish Kumar (@NitishKumar) December 16, 2025
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि 24 नवंबर 2005 से राज्य में कानून का राज कायम है और बीते 20 वर्षों में सभी वर्गों एवं क्षेत्रों के विकास के लिए निरंतर कार्य किया गया है। उन्होंने बताया कि सात निश्चय (2015-2020) और सात निश्चय-2 (2020-2025) के तहत तय लक्ष्यों को प्राप्त करने के बाद अब सात निश्चय-3 को लागू करने का निर्णय लिया गया है।

1. दोगुना रोजगार – दोगुनी आय
सात निश्चय-3 का पहला लक्ष्य राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाकर प्रति व्यक्ति आय को दोगुना करना है। इसके तहत महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना चलाई जा रही है, जिसमें 10 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। आगे रोजगार विस्तार के लिए 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता भी दी जाएगी।
जाति आधारित गणना और सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण में चिह्नित 94 लाख गरीब परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार योजनाओं से जोड़ा जाएगा। साथ ही, अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी व रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए अलग से युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग का गठन किया गया है।

2. समृद्ध उद्योग – सशक्त बिहार
दूसरे निश्चय के तहत राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जाएगा। बिहार को पूर्वी भारत का टेक हब और विश्वस्तरीय कार्यस्थल के रूप में विकसित करने के लिए तीन उच्चस्तरीय समितियों का गठन किया गया है। सरकार ने अगले पांच वर्षों में 50 लाख करोड़ रुपये के निजी निवेश का लक्ष्य निर्धारित किया है। साथ ही, छोटे उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग निदेशालय और स्थानीय उत्पादों के विपणन के लिए बिहार विपणन प्रोत्साहन निगम की स्थापना की गई है। बंद पड़ी 9 चीनी मिलों को चालू करने और 25 नई चीनी मिलें स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया है।

3. कृषि में प्रगति – प्रदेश की समृद्धि
कृषि क्षेत्र में किसानों की आय बढ़ाने के लिए चौथे कृषि रोड मैप (2024-2029) को और गति दी जाएगी। मखाना उत्पादन एवं प्रसंस्करण के लिए अलग से मखाना रोड मैप बनाया जाएगा। डेयरी और मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के साथ ही हर पंचायत में ‘सुधा’ बिक्री केंद्र और गांव-गांव में दुग्ध उत्पादन समितियों का गठन किया जाएगा। साथ ही, हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने का काम तेज किया जाएगा।

4. उन्नत शिक्षा – उज्ज्वल भविष्य
शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए अलग उच्च शिक्षा विभाग का गठन किया गया है। राज्य के पुराने प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही, बिहार में नई एजुकेशन सिटी का निर्माण भी प्रस्तावित है।

5. सुलभ स्वास्थ्य – सुरक्षित जीवन
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रखंड स्तर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को स्पेशलिटी हॉस्पिटल और जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में बदला जाएगा। ग्रामीण इलाकों में बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के लिए डॉक्टरों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा और सरकारी चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने की नीति लाई जाएगी।

6. मजबूत आधार – आधुनिक विस्तार
इस निश्चय के तहत शहरी विकास, आधुनिक शहरों का निर्माण और शहरी गरीबों के लिए सस्ते आवास की व्यवस्था की जाएगी। राज्य में 5 नई एक्सप्रेस-वे सड़कों का निर्माण, ग्रामीण सड़कों का दो लेन चौड़ीकरण, बिजली ढांचे का सुदृढ़ीकरण और घर-घर सोलर पैनल लगाने की योजना शामिल है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख स्थलों का विकास, फिल्म सिटी का निर्माण, पटना में विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स सिटी और सभी जिलों में खेलों के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे।
7. सबका सम्मान – जीवन आसान
सात निश्चय-3 का अंतिम लक्ष्य Ease of Living है। इसके तहत आधुनिक तकनीक, नवाचार और संवेदनशील सुशासन के माध्यम से आम जनता के जीवन को सरल और सुविधाजनक बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विश्वास जताया कि सात निश्चय-3 के प्रभावी क्रियान्वयन से विकसित बिहार का सपना साकार होगा और बिहार देश के अग्रणी विकसित राज्यों में शामिल होगा।







