मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को पश्चिम चंपारण के बेतिया से अपनी समृद्धि यात्रा की औपचारिक शुरुआत की। जिला मुख्यालय कुमारबाग पहुंचने पर उन्होंने विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा की और जीविका समूहों से जुड़ी महिलाओं के साथ संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बिहार के विकास में सहयोग के लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की सराहना की, वहीं राज्य की पूर्ववर्ती लालू-राबड़ी सरकारों पर तीखा हमला बोला।

खुले मंच से जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नवंबर 2005 से पहले बिहार की स्थिति बेहद खराब थी। उस समय की सरकारों ने जनकल्याण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि अल्पसंख्यकों के वोट तो लिए गए, लेकिन उनके विकास के लिए भी कोई काम नहीं किया गया। सामाजिक तनाव आम बात थी, लेकिन एनडीए सरकार बनने के बाद राज्य में शांति और सद्भाव का माहौल स्थापित हुआ।

नीतीश कुमार ने कहा कि उनकी सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी। शिक्षा व्यवस्था की बदहाली का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि पहले न तो स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक थे और न ही भवन, जबकि एनडीए सरकार ने बड़े पैमाने पर स्कूल भवनों का निर्माण कराया और शिक्षकों की बहाली की प्रक्रिया शुरू की, जो अब भी जारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के विकास में केंद्र सरकार का भरपूर सहयोग मिल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य को कई महत्वपूर्ण योजनाओं की सौगात दी और जिन परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया, उन्हें समय पर पूरा भी कराया गया। बजट में बिहार को प्राथमिकता दी जा रही है। केंद्र के सहयोग से गरीबों को आवास, मुफ्त राशन और रोजगार से जोड़ने की योजनाएं चल रही हैं।

उन्होंने दावा किया कि आने वाले पांच वर्षों में राज्य सरकार एक करोड़ से अधिक रोजगार और नौकरी के अवसर सृजित करेगी। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उन्हें आजीविका से जोड़ा जा रहा है, जबकि युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

औद्योगिक विकास पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार गंभीरता से काम कर रही है। बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा शुरू करने की प्रक्रिया चल रही है, जिससे किसानों को अपनी फसल का बेहतर बाजार मिलेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। चनपटिया चीनी मिल को जल्द चालू करने की दिशा में भी कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि नए उद्योगों की स्थापना के लिए उद्योगपतियों से बातचीत जारी है और प्रत्येक जिले में औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में बिहार तेज़ी से प्रगति करेगा और देश के विकसित राज्यों की सूची में शामिल होगा, साथ ही राष्ट्रीय विकास में भी अपनी अहम भूमिका निभाएगा।








