पटना। बिहार की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए नीतीश सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने घोषणा की है कि अब राज्य की ‘जीविका दीदियां’ अपना बड़ा व्यवसाय शुरू करने के लिए बैंकों के माध्यम से 10 लाख रुपये तक का ऋण प्राप्त कर सकेंगी। महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए इस ऋण पर ब्याज दर को बेहद कम यानी मात्र 7 प्रतिशत रखा गया है।
पहले आओ पहले पाओ के आधार पर मिलेगा लाभ
मंत्री श्रवण कुमार के अनुसार, इस योजना का क्रियान्वयन “पहले आओ, पहले पाओ” की नीति पर किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि महिलाएं अब केवल छोटे-मोटे कार्यों तक सीमित न रहकर बड़े स्तर पर स्वरोजगार और उद्यमिता (Entrepreneurship) के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि बिहार देश का अग्रणी राज्य है जहाँ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में महिलाओं को संगठित कर रोजगार से जोड़ने की ठोस शुरुआत की गई है।
सफल उद्यमियों को मिलेगा 2 लाख का अतिरिक्त बूस्ट
सरकार केवल ऋण ही नहीं दे रही, बल्कि पहले से चल रहे प्रयासों की समीक्षा भी कर रही है:
प्रोत्साहन राशि की समीक्षा: जिन महिलाओं को पूर्व में 10,000 रुपये की राशि दी गई थी, उनके कार्यों का मूल्यांकन किया जा रहा है।
विस्तार के लिए सहायता: जिन दीदियों ने वास्तव में अपना रोजगार शुरू कर दिया है, उन्हें व्यवसाय बढ़ाने के लिए 2 लाख रुपये की अतिरिक्त वित्तीय मदद दी जाएगी।
रुकी हुई राशि का भुगतान: तकनीकी कारणों से जिन महिलाओं को अब तक प्रोत्साहन राशि नहीं मिली है, उनके दस्तावेजों की जांच कर जल्द ही भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।
महिला सशक्तिकरण की ओर बढ़ते कदम
इस योजना से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में भी व्यापक सुधार आएगा। सरकार का मानना है कि सस्ती ब्याज दर पर मिलने वाला यह ऋण बिहार में महिला स्टार्टअप्स के लिए मील का पत्थर साबित होगा।


