राज्य में उच्च शिक्षा को सुलभ और मजबूत बनाने की दिशा में बिहार सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सात निश्चय-3 के चौथे निश्चय ‘उन्नत शिक्षा–उज्ज्वल भविष्य’ के तहत राज्य के सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोलने का निर्णय लिया है। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा की।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के कुल 534 प्रखंडों में से अभी भी 213 प्रखंड ऐसे हैं, जहां कोई भी अंगीभूत या संबद्ध डिग्री कॉलेज उपलब्ध नहीं है। ऐसे सभी 213 प्रखंडों में प्रथम चरण में डिग्री कॉलेज खोलने का निर्णय लिया गया है और जुलाई 2026 तक इन कॉलेजों में पढ़ाई शुरू करने का निर्देश दिया गया है।

लड़कियों को मिलेगा उच्च शिक्षा में बड़ा लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज की स्थापना से छात्रों, विशेषकर लड़कियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में बड़ी सुविधा होगी। इससे उन्हें पढ़ाई के लिए दूर-दराज के शहरों में जाने की मजबूरी नहीं रहेगी और ड्रॉपआउट की समस्या भी कम होगी।

55 शिक्षण संस्थान बनेंगे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

इसके साथ ही राज्य के पुराने और प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने का भी निर्णय लिया गया है। इसके लिए कुल 55 शिक्षण संस्थानों का चयन किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इन संस्थानों के उन्नयन के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने निर्देश दिया है कि इन प्रतिष्ठित संस्थानों के पुराने, अनुभवी शिक्षकों और पूर्व व वर्तमान छात्र-छात्राओं से विमर्श कर सुझाव लिए जाएं, ताकि संस्थानों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और रोजगारोन्मुख शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके।

रोजगारपरक शिक्षा और राज्य के विकास को मिलेगी गति

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किए जाने से युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा पाने में सहूलियत मिलेगी और इन संस्थानों का पुराना गौरव भी पुनर्स्थापित होगा। इससे राज्य के चहुंमुखी विकास को नई गति मिलेगी।

राज्य सरकार का यह निर्णय शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर, महिला सशक्तिकरण और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।

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