मुजफ्फरपुर। रंगों के महापर्व होली को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सद्भावपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। पर्व के मद्देनजर विधि-व्यवस्था की समीक्षा तथा सामाजिक समरसता बनाए रखने को लेकर जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन और वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा ने जिला शांति समिति की महत्वपूर्ण बैठक की।

बैठक में शांति समिति के सदस्यों और विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों से सुझाव प्राप्त किए गए तथा प्रशासनिक तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
दो दिनों के भीतर थाना स्तर पर बैठक के निर्देश
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि होली आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक है। किसी भी असामाजिक तत्व को माहौल बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि दो दिनों के भीतर अपने-अपने थाना क्षेत्र में शांति समिति की बैठक आयोजित करें।

इसकी निगरानी के लिए अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी एवं पश्चिमी तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि जमीनी स्तर पर समन्वय सुनिश्चित हो सके।
हुड़दंग, छेड़खानी और जबरन रंग पर सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि होली के दौरान हुड़दंग, मारपीट, जबरन रंग लगाने, छेड़खानी या किसी भी प्रकार की अराजकता को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार की स्थिति में त्वरित और कठोर कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस को ऐसे तत्वों की पहले से पहचान कर निरोधात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत दोषियों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
सोशल मीडिया पर पैनी नजर
पर्व के दौरान सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों को रोकने के लिए विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है। भ्रामक, आपत्तिजनक या सांप्रदायिक पोस्ट पर पुलिस की कड़ी नजर रहेगी। ऐसे पोस्ट करने या साझा करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपुष्ट सूचनाओं को साझा न करें और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में सहयोग करें।
अवैध शराब के खिलाफ विशेष अभियान
बैठक में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 126 के तहत निरोधात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही उत्पाद अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया।
होली के अवसर पर अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, बिक्री और सेवन की आशंका को देखते हुए पुलिस और मद्यनिषेध विभाग को संयुक्त रूप से विशेष छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। शराब के अवैध कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल
संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। रात्रि गश्ती, वाहन जांच और सघन पेट्रोलिंग अभियान चलाया जाएगा।
होटल, ढाबा, लॉज और अन्य सार्वजनिक स्थलों की नियमित जांच भी सुनिश्चित की जाएगी। भीड़-भाड़ वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जाएगी।

होलिका दहन स्थलों का निरीक्षण
जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी और थानाध्यक्षों को होलिका दहन स्थलों का पूर्व निरीक्षण करने का निर्देश दिया है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी विवादित या संवेदनशील स्थल पर होलिका दहन न हो।

डीजे और अश्लील गीतों पर पूर्ण प्रतिबंध
पर्व के दौरान डीजे बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। साथ ही अश्लील गीतों के प्रसारण पर भी रोक लगाई गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।

स्वास्थ्य, अग्निशमन और बिजली विभाग अलर्ट
स्वास्थ्य सेवाओं को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है। सिविल सर्जन को निर्देश दिया गया है कि सदर अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। आपातकालीन सेवाएं 24×7 सक्रिय रहेंगी।
अग्निशमन विभाग को होलिका दहन स्थलों और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। वहीं बिजली विभाग को निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखने और तकनीकी खराबी को तुरंत दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक के अंत में जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक ने नागरिकों से अपील की कि वे होली को पारंपरिक उत्साह और सौहार्द के साथ मनाएं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन को दें।
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उद्देश्य यही है कि मुजफ्फरपुर में होली का पर्व सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हो।





