MOTIHARI : तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने कहा है कि सरकार की बड़ी एवं प्राथमिकता वाली योजनाओं के लिए आवश्यक भूमि की उपलब्धता समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि योजनाओं का लाभ आम जनता तक शीघ्र पहुंच सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकार की ओर से प्राप्त मांग के अनुरूप भूमि से संबंधित प्रस्तावों को शीघ्र तैयार कर राज्य सरकार को भेजा जाए।

सोमवार को मोतिहारी में राजस्व शाखा तथा अपर समाहर्ता कार्यालय के निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने ये निर्देश दिए। निरीक्षण के क्रम में उन्होंने राजस्व प्रशासन से जुड़े विभिन्न कार्यों की विस्तृत समीक्षा की और लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल, अपर समाहर्ता मुकेश कुमार सिन्हा, प्रभारी पदाधिकारी राजस्व शाखा, डीसीएलआर मोतिहारी सहित राजस्व शाखा के सभी कर्मी उपस्थित थे। इसके अलावा नगर आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी सदर, अनुमंडल पदाधिकारी अरेराज तथा सहायक समाहर्ता भी इस अवसर पर मौजूद रहे।
आयुक्त ने कहा कि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जन समस्याओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, क्योंकि इससे प्रशासन के प्रति आमजन का विश्वास मजबूत होता है। साथ ही उन्होंने विभिन्न प्रकार के वादों का निष्पादन निर्धारित समय सीमा के भीतर करने पर बल दिया और कहा कि निचली अदालतों से संबंधित अभिलेखों को अनावश्यक रूप से जिला स्तर पर लंबित न रखा जाए। आवश्यकतानुसार अभिलेखों को संबंधित स्तर पर भेजकर मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।

निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने कार्यालय में अभिलेखों के रखरखाव और संधारण की व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी अभिलेख सुव्यवस्थित ढंग से सुरक्षित रखे जाएं तथा रजिस्टरों का अद्यतन संधारण सुनिश्चित किया जाए। इस दौरान उन्होंने कर्मपुस्त, आवेदन पंजी, उपस्थिति पंजी, आकस्मिक अवकाश पंजी और अनुक्रमणी पंजी सहित अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों का अवलोकन किया।
दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) मामलों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि 1 अप्रैल 2025 से 6 मार्च 2026 तक कुल 56,357 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 49,642 मामलों का निष्पादन किया जा चुका है, जो कुल प्राप्त आवेदनों का लगभग 88.07 प्रतिशत है। आयुक्त ने अधिकारियों को शेष लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

राजस्व वसूली की समीक्षा में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए जिले को 2,609 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके विरुद्ध 31 जनवरी 2026 तक 1,410 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है, जो कुल लक्ष्य का लगभग 54 प्रतिशत है। आयुक्त ने राजस्व वसूली के कार्य में तेजी लाने तथा निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति के लिए विशेष प्रयास करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इस कार्य में सभी संबंधित अधिकारियों को सक्रियता के साथ काम करना चाहिए।
सैरात बंदोबस्ती की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में लगभग 1.67 करोड़ रुपये मूल्य के सैरातों की बंदोबस्ती की गई है, जिसके विरुद्ध अब तक 35.95 लाख रुपये की वसूली की जा चुकी है। आयुक्त ने सैरात की बकाया वसूली से संबंधित समस्याओं की जानकारी ली और बंदोबस्ती तथा वसूली की प्रक्रिया को तेज करने का निर्देश दिया।

परिमार्जन से जुड़े मामलों की समीक्षा में बताया गया कि अब तक कुल 1,38,440 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 1,11,824 आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है, जबकि 2,778 आवेदनों को कारण सहित वापस कर दिया गया है। आयुक्त ने शेष लंबित आवेदनों के त्वरित निष्पादन के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
एलपीसी (भूमि स्वामित्व प्रमाणपत्र) मामलों की समीक्षा के दौरान अपर समाहर्ता ने बताया कि ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से कुल 81,391 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 57,910 आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है, जबकि 22,857 आवेदन अस्वीकृत किए गए हैं। वर्तमान में केवल 624 आवेदन लंबित हैं। आयुक्त ने अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन लंबित मामलों का भी शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।

निरीक्षण के दौरान कार्यालय की उपस्थिति व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि सभी पदाधिकारी और कर्मी बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करते हैं और सभी राजस्व कार्यालयों में यह प्रणाली लागू है। आयुक्त ने इसे प्रशासनिक अनुशासन बनाए रखने की दिशा में सकारात्मक कदम बताते हुए इसे नियमित रूप से प्रभावी ढंग से संचालित करने का निर्देश दिया।
आयुक्त ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य जनता को त्वरित और पारदर्शी सेवा प्रदान करना है। इसके लिए आवश्यक है कि सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और जवाबदेही के साथ करें तथा लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन के लिए लगातार प्रयास करते रहें।








