संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम जारी होने के बाद देशभर में सफल अभ्यर्थियों और उनके परिवारों में खुशी का माहौल है। हालांकि, परिणाम आने के बाद 301वीं रैंक को लेकर कुछ समय के लिए भ्रम की स्थिति भी पैदा हो गई थी। आकांक्षा सिंह नाम की दो अलग-अलग उम्मीदवारों को लेकर सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि दोनों ने एक ही रैंक हासिल की है।
CIVIL SERVICES (MAIN) EXAMINATION, 2025
The final result of the #CivilServicesExamination, 2025 has been declared on 06.03.2026. There are various media reports, wherein two candidates of same name i.e. Akanksha Singh, are claiming to have secured the same Rank 301 in the final… pic.twitter.com/4zEJS8ijh1
— PIB India (@PIB_India) March 9, 2026
इस मामले पर स्पष्टता देते हुए UPSC ने कहा है कि उसके आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 301वीं रैंक केवल एक ही उम्मीदवार को मिली है। आयोग ने बताया कि सोशल मीडिया पर चल रही कई जानकारियां और दावे तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं। आधिकारिक सूची में दर्ज अभ्यर्थी ही इस रैंक की वास्तविक हकदार हैं।

दरअसल, बिहार में ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती आकांक्षा सिंह द्वारा 301वीं रैंक हासिल करने का दावा सामने आया था। उनका रोल नंबर 0856794 बताया गया था। लेकिन आयोग ने इस दावे को गलत बताया है और स्पष्ट किया है कि 301वीं रैंक उत्तर प्रदेश की आकांक्षा सिंह को मिली है।

आयोग के अनुसार, चयनित अभ्यर्थी आकांक्षा सिंह उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले की रहने वाली हैं। वह जमानिया तहसील के अभईपुर गांव से ताल्लुक रखती हैं और वर्तमान में पटना एम्स में डॉक्टर के रूप में कार्यरत हैं। नौकरी के साथ-साथ उन्होंने यूपीएससी की तैयारी जारी रखी। पहले प्रयास में उन्हें सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने अपनी मेहनत और लगन जारी रखी। दूसरे प्रयास में उन्होंने सफलता हासिल करते हुए 301वीं रैंक प्राप्त की।

वहीं, बिहार की आकांक्षा सिंह भोजपुर जिले के अगिआंव प्रखंड के खोपीरा गांव की रहने वाली हैं। उनका परिवार फिलहाल आरा शहर के कतीरा मोहल्ले में रहता है। बिहार की आकांक्षा सिंह को ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती बताया जा रहा है, जिनके नाम को लेकर रैंक को लेकर भ्रम की स्थिति बनी थी।

UPSC के स्पष्टीकरण के बाद अब 301वीं रैंक को लेकर फैली सभी तरह की अटकलों पर विराम लग गया है। आयोग ने कहा है कि उम्मीदवारों से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक परिणाम और रिकॉर्ड पर ही भरोसा किया जाना चाहिए।










