बिहार सरकार ने राज्य के दो प्रमुख संस्थानों के नाम में बड़ा बदलाव करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया कि पूर्व कांग्रेस नेता संजय गांधी के नाम को हटाया जाएगा।

अब पटना स्थित प्रसिद्ध संजय गांधी जैविक उद्यान को आधिकारिक रूप से “पटना जू” के नाम से जाना जाएगा। आम बोलचाल में लोग पहले से ही इसे पटना जू या चिड़ियाघर कहते थे, लेकिन सरकारी दस्तावेजों में इसका नाम संजय गांधी से जुड़ा हुआ था। इसके साथ ही जू के संचालन से जुड़ी समिति का नाम भी बदलकर “पटना जू प्रबंधन एवं विकास सोसाइटी” कर दिया गया है, जो पहले संजय गांधी के नाम पर था।

इसी क्रम में डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के अंतर्गत आने वाले संजय गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी का नाम भी परिवर्तित कर दिया गया है। अब इसे “बिहार स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी, पटना” के नाम से जाना जाएगा। यह संस्थान बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के अधीन संचालित होता है और यहां डेयरी टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, केमिस्ट्री, माइक्रोबायोलॉजी, बिजनेस मैनेजमेंट और एक्सटेंशन एजुकेशन जैसे विषयों में पेशेवर पाठ्यक्रम संचालित होते हैं।

पटना जू का इतिहास काफी पुराना है। इसकी शुरुआत 1969 में हुई थी, जब तत्कालीन राज्यपाल नित्यानंद कानूनगो ने राजभवन की जमीन वनस्पति उद्यान के लिए उपलब्ध कराई। बाद में 1972 में इसका विस्तार कर इसे जैविक उद्यान का स्वरूप दिया गया और 1973 में इसे आम जनता के लिए खोल दिया गया। आज इस जू में 100 से अधिक प्रजातियों के सैकड़ों जीव-जंतु मौजूद हैं, जिनमें बाघ, शेर और गैंडे जैसे वन्यजीव शामिल हैं। इसके अलावा यहां सैकड़ों प्रजातियों के पेड़-पौधे भी संरक्षित हैं, जिससे यह देश के प्रमुख चिड़ियाघरों में गिना जाता है।

वहीं, डेयरी टेक्नोलॉजी संस्थान की स्थापना 1980 में की गई थी। शुरुआत में इसकी पढ़ाई पूसा स्थित राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय से संचालित हुई, बाद में इसे पटना स्थानांतरित कर दिया गया। समय के साथ यह संस्थान विभिन्न कृषि एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालयों से जुड़ा रहा और अब यह राज्य के प्रमुख तकनीकी शिक्षण संस्थानों में शामिल है।
सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक बदलाव के साथ-साथ राजनीतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे राज्य के प्रमुख संस्थानों की पहचान और नामकरण में बदलाव आया है।











