MUZAFFARPUR : जिले के बंदरा प्रखंड अंतर्गत मतलुपुर पंचायत स्थित प्राचीन आस्था केंद्र बाबा खगेश्वर नाथ मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जिलाधिकारी ने मंदिर परिसर का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और क्षेत्र के समग्र विकास की कामना की।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मंदिर की साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं की गहन समीक्षा की। इस दौरान मंदिर प्रबंधन समिति के सचिव वैद्यनाथ पांडेय से भी विस्तृत जानकारी ली गई। बताया गया कि विशेषकर श्रावण मास में यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, जिससे बेहतर व्यवस्थाओं की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

जिलाधिकारी ने कहा कि मंदिर की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता को देखते हुए इसे पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए जल्द ही पर्यटन विभाग को विस्तृत प्रस्ताव भेजा जाएगा। प्रस्ताव में मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण, पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग, सुरक्षा और सड़क संपर्क को मजबूत करने जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल किए जाएंगे।

इसी क्रम में एक अहम उपलब्धि के रूप में बिहार राज्य मेला प्राधिकार से श्रावण मास में लगने वाले पारंपरिक मेले को स्वीकृति मिल चुकी है। इससे मेले का आयोजन अधिक सुव्यवस्थित और सुरक्षित ढंग से किया जा सकेगा। प्रशासनिक निगरानी बढ़ने से भीड़ प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाएं और आपातकालीन व्यवस्थाएं भी सुदृढ़ होंगी।

इस पहल से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। मेले के दौरान छोटे दुकानदारों, हस्तशिल्प कारीगरों, खान-पान विक्रेताओं और परिवहन सेवाओं से जुड़े लोगों को सीधा लाभ मिलेगा, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

पर्यटन स्थल के रूप में विकास होने के बाद यहां बुनियादी ढांचे में तेजी से सुधार होगा। बेहतर सड़क, साफ-सफाई और आधुनिक सुविधाओं के कारण न केवल श्रद्धालुओं को सुविधा होगी, बल्कि बाहरी पर्यटकों की संख्या में भी वृद्धि होगी। इससे क्षेत्र की पहचान राज्य और देश स्तर पर स्थापित होने की संभावना है।
साथ ही, इस पहल से स्थानीय सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं को भी बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र की विरासत के संरक्षण को नया आधार मिलेगा।










